
उत्तराखंड में चार दिन तक मचा रहा बवाल, आखिर किसने सुलझाया पूरा विवाद?
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में पिछले चार दिनों से चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा आखिरकार खत्म हो गया। जिस गुरुद्वारे की छत पर निहंग सिख डटे हुए थे, वहां मंगलवार शाम अचानक घटनाक्रम ने ऐसा मोड़ लिया कि हर कोई देखता रह गया।
मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे गुरुद्वारे की छत पर मौजूद निहंग सिख नीचे उतरे और कुछ ही देर बाद बुलेट मोटरसाइकिलों पर सवार होकर भाले लहराते हुए परिसर से बाहर निकल गए। धार्मिक जयघोषों के बीच हुए इस घटनाक्रम ने मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
पूरा विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में हुए निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के विवाद के बाद शुरू हुआ बताया जा रहा है। गिरफ्तार किए गए साथियों को लेकर नाराजगी के बीच सात निहंग सिख शनिवार को नगरासू गुरुद्वारे पहुंचे और इसके बाद घटनाक्रम ने बड़ा रूप ले लिया।
गुरुद्वारे की छत पर डटे निहंग सिखों के कारण प्रशासन और पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। पूरे इलाके में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं और लोग लगातार घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे।
रविवार को सरेंडर, सोमवार को एक और हिरासत में
विवाद के दौरान रविवार रात एक निहंग सिख ने आत्मसमर्पण किया, जबकि सोमवार को भोजन लेने नीचे आए एक अन्य व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया। इस बीच माहौल कई बार तनावपूर्ण भी हुआ, लेकिन प्रशासन ने संयम बनाए रखा।
मंगलवार को पंजाब और पांवटा साहिब से पहुंचे सिख प्रतिनिधियों ने गुरुद्वारा प्रबंधन और छत पर मौजूद निहंग सिखों से बातचीत की। कई दौर की वार्ता के बाद आखिरकार सहमति बनी और चार दिन से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हो गया।
क्या बोले सिख प्रतिनिधि?
प्रतिनिधियों ने कहा कि निहंग सिख किसी प्रकार की अराजकता फैलाने नहीं आए थे, बल्कि कर्णप्रयाग की घटना को लेकर उनके भीतर नाराजगी थी। उन्होंने प्रशासन और सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी निहंग सिख सुरक्षित अपने घरों के लिए रवाना हो गए हैं।
जिलाधिकारी का बड़ा बयान
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पुष्टि करते हुए कहा कि गुरुद्वारे की छत पर मौजूद सभी निहंग सिख सुरक्षित नीचे उतर चुके हैं। पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सबसे बड़ा सवाल…
चार दिनों तक चला यह हाई-वोल्टेज घटनाक्रम खत्म तो हो गया, लेकिन अपने पीछे कई सवाल छोड़ गया है। आखिर ऐसी स्थिति बनी कैसे? भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे? इन सवालों के जवाब अब जांच के बाद सामने आएंगे।
फिलहाल नगरासू में शांति है, लेकिन चार दिनों तक चला यह ‘छत कांड’ लंबे समय तक चर्चाओं में रहने वाला है।



