
मुरचौंडा पालीगाड़ में दो किलोमीटर सड़क का इंतजार, बीमार बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को करनी पड़ी कड़ी मशक्कत
रुद्रप्रयाग। जिले की भरदार पट्टी के ग्राम पंचायत चौंडा सिराई के मुरचौंडा पालीगाड़ में सड़क सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी बना हुआ है। हालात इतने बदतर हैं कि गांव में किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाना भी ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को आज भी मरीजों को डंडी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ताजा मामला 85 वर्षीय बुजुर्ग फतेराम सेमवाल का है। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीणों ने डंडी के सहारे उन्हें दुर्गम रास्ते से किसी तरह सड़क मार्ग तक पहुंचाया, ताकि उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर गांव में सड़क सुविधा की बदहाली और ग्रामीणों की पीड़ा को उजागर कर दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, मुरचौंडा पालीगाड़ के लिए करीब दो किलोमीटर सड़क की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। सड़क के अभाव में सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, बीमार लोगों, महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है।
विडंबना यह है कि कुछ दिन पूर्व ही ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क निर्माण की उम्मीद में सामूहिक प्रयास किया था। इसके बावजूद गांव तक सड़क सुविधा नहीं पहुंच पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी यदि किसी बुजुर्ग को बीमारी की हालत में डंडी के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़े तो यह ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत को बयां करता है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मुरचौंडा पालीगाड़ के लिए प्रस्तावित दो किलोमीटर सड़क निर्माण की दिशा में जल्द ठोस पहल करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बीमार या बुजुर्ग को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।



