तुंगनाथ धाम में 1.24 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, सावन माह में भी पहुंच रहे भक्त

लक्ष्मण सिंह नेगी
उखीमठ। विश्व के सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव के पंचकेदारों में तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में इस वर्ष तीर्थयात्रियों की संख्या ने नया इतिहास रच दिया है। यात्रा सत्र के दौरान से लेकर अब तक 1 लाख 24 हजार 676 श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक माना जा रहा है और तुंगनाथ धाम की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण भी है।
प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक वातावरण और बेहतर यात्रा व्यवस्थाओं के कारण इस वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक तुंगनाथ धाम पहुंचे। विशेष रूप से सप्ताहांत, अवकाश तथा श्रावण मास के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
पर्यटन एवं स्थानीय व्यापार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस वर्ष यात्रा ने क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान की है। चोपता, बणियाकुंड, दुगलबिट्टा तथा आसपास के क्षेत्रों के होटल, होमस्टे, भोजनालय, घोड़ा-खच्चर संचालक तथा स्थानीय व्यवसायियों को यात्रा से अच्छा लाभ मिला है। स्थानीय युवाओं को भी स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हुए हैं।
मंदिर समिति , तीर्थ पुरोहित समाज एवं स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से यात्रा का संचालन सुचारु रूप से किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
तुंगनाथ धाम के प्रबन्धक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि अब तक तुंगनाथ धाम में 64 हजार 393 पुरूष , 53 हजार 290 महिलाएं, 6 हजार 765 नौनिहाल, 159 साधु – सन्यासी तथा 69 विदेशी सैलानियों सहित 1 लाख, 24 हजार 676 तीर्थ यात्री पूजा – अर्चना व जलाभिषेक कर विश्व समृद्धि की कामना कर चुके हैं। मन्दिर समिति के चन्द्रमोहन बजवाल ने बताया कि चोपता से सीधे चन्द्र शिला जाने वाले पर्यटकों को मन्दिर समिति के रिकार्ड में दर्ज नहीं किया गया है।
जिला पंचायत सदस्य परकण्डी प्रीति पुष्वाण का कहना है कि श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि तुंगनाथ धाम देश के प्रमुख आस्था केंद्रों में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। यात्रा अभी जारी है और आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।



