मद्महेश्वर धाम में ग्रामीणों ने चलाया स्वच्छता अभियान, गौण्डार से मद्महेश्वर तक यात्रा पड़ावों की सफाई

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर धाम की यात्रा को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए मद्महेश्वर यात्रा के आधार शिविर गौण्डार सहित बनातोली और विभिन्न यात्रा पड़ावों पर ग्रामीणों एवं व्यापारियों ने व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान के दौरान यात्रा मार्ग, पड़ावों, सार्वजनिक स्थलों तथा धाम परिसर में फैले कूड़े-कचरे को एकत्रित कर उसका निस्तारण किया गया। ग्रामीणों और व्यापारियों ने तीर्थयात्रियों से भी यात्रा मार्ग एवं धाम की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
मद्महेश्वर यात्रा के आधार शिविर गौण्डार के ग्रामीणों एवं व्यापारियों ने सामूहिक रूप से स्वच्छता अभियान की शुरुआत करते हुए गौण्डार से लेकर मद्महेश्वर धाम तक यात्रा पड़ावों को साफ-सुथरा रखने का संदेश दिया। अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और स्थानीय व्यापारियों ने भागीदारी करते हुए रास्ते के किनारे तथा सार्वजनिक स्थलों पर जमा कूड़े को एकत्रित किया। इस दौरान प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, खाद्य सामग्री के पैकेट एवं अन्य अनुपयोगी सामग्री को हटाया गया।
यात्रा पड़ावों पर विशेष सफाई
मद्महेश्वर यात्रा मार्ग पर इन दिनों तीर्थयात्रियों की आवाजाही बढ़ने के कारण विभिन्न यात्रा पड़ावों पर कूड़ा जमा होने की संभावना बनी रहती है। इसे देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों एवं व्यापारियों ने स्वयं पहल करते हुए यात्रा पड़ावों की सफाई का जिम्मा संभाला। बनातोली, खटरा, नानू, गौण्डार सहित यात्रा मार्ग के अन्य स्थानों पर भी सफाई अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने कहा कि मद्महेश्वर धाम क्षेत्र केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि हिमालय की प्राकृतिक संपदा से समृद्ध क्षेत्र भी है। इसकी सुंदरता और पवित्रता को बनाए रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
स्वच्छता अभियान के माध्यम से ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की पारिस्थितिकी बेहद संवेदनशील है। यहां प्लास्टिक एवं अन्य कचरे का बढ़ता उपयोग पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में यात्रियों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों को मिलकर धाम एवं यात्रा मार्ग को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास करने होंगे। पूर्व प्रधान बीर सिंह पंवार ने आम जनमानस से अपील की कि यात्रा के दौरान खाने-पीने की सामग्री के पैकेट, बोतलें एवं अन्य कचरा इधर-उधर न फेंकें। अपने साथ लाए कचरे को निर्धारित स्थान पर ही डालें अथवा वापस लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि भगवान मद्महेश्वर के धाम की पवित्रता बनाए रखना सभी श्रद्धालुओं का सामूहिक दायित्व है।
व्यापारियों ने भी लिया संकल्प
स्वच्छता अभियान में शामिल स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि यात्रा सीजन के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही कूड़ा भी बढ़ता है। इसलिए प्रत्येक व्यापारी अपने प्रतिष्ठान के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के साथ यात्रियों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगा। दुकानदारों ने प्लास्टिक कचरे को खुले में न फेंकने तथा यात्रियों को कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए प्रेरित करने की बात कही। पूर्व प्रधान बलवीर पंवार ने कहा कि मद्महेश्वर धाम की पहचान उसकी धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी है। यदि यात्रा मार्ग और पड़ाव साफ-सुथरे रहेंगे तो यहां आने वाले श्रद्धालुओं के बीच भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
धाम की पवित्रता के साथ प्रकृति बचाने की मुहिम
मद्महेश्वर धाम समुद्र तल से हजारों फीट की ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक है। पूर्व प्रधान भगत सिंह पंवार का कहना है कि पहाड़ों में कूड़े का निस्तारण मैदानी क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक चुनौतीपूर्ण है। प्लास्टिक एवं अन्य कचरा लंबे समय तक नष्ट नहीं होता, जिससे प्राकृतिक जलस्रोतों और वनस्पतियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उनका कहना है कि स्वच्छता अभियान को केवल एक दिन तक सीमित रखने के बजाय पूरे यात्रा सीजन में जारी रखा जाएगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों एवं व्यापारियों को लगातार जागरूक किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर आने वाले श्रद्धालुओं से भी सहयोग लेकर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
स्थानीय पहल बनी मिसाल
मद्महेश्वर यात्रा के आधार शिविर गौण्डार सहित यात्रा पड़ावों पर ग्रामीणों एवं व्यापारियों की यह पहल क्षेत्र के लिए मिसाल बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी व्यवस्थाओं के साथ यदि समाज स्वयं भी अपनी जिम्मेदारी निभाए तो तीर्थस्थलों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखना आसान हो सकता है। ग्रामीणों ने भविष्य में भी सामूहिक रूप से स्वच्छता अभियान चलाने तथा यात्रियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
ग्रामीणों और व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि “स्वच्छ मद्महेश्वर, सुंदर मद्महेश्वर” के संकल्प को साकार करने के लिए स्थानीय समाज लगातार प्रयास करता रहेगा। उन्होंने तीर्थयात्रियों से भी अपील की कि वे भगवान मद्महेश्वर के दर्शन के साथ हिमालय की प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेकर लौटें।



