राईका फाटा के छात्रावास को कब्जामुक्त करने को लेकर ग्रामीणों का आमरण अनशन शुरू

फाटा। राजकीय इंटर कॉलेज फाटा के छात्रावास भवन में संचालित अस्थाई पशु उपचार केंद्र को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग को लेकर ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का क्रमिक अनशन दस दिन तक जारी रहने के बाद आज 20 मार्च शुक्रवार से आमरण अनशन में बदल चुका है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर उनकी मांग का संज्ञान न लेने का आरोप लगाया , जिस से उन्हें मजबूरन आमरण अनशन शुरू करना पड़ रहा है।
फाटा क्षेत्र की जनता द्वारा छात्रावास भवन पर संचालित पशु उपचार केंद्र को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग को लेकर 10 मार्च से क्रमिक अनशन शुरू किया गया था। जिसमें जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों से वार्ता की गई परन्तु वार्ता बेनतीजा रही। ग्रामीणों द्वारा शुक्रवार से आमरण अनशन शुरू किया गया है, जिसमें प्रथम दिन छात्रावास संघर्ष समिति अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान रविग्राम रामेश्वर प्रसाद जमलोकी आमरण अनशन पर बैठे हैं जबकि उनके सहयोगी के रूप में अशोक सेमवाल, शम्भू प्रसाद जमलोकी, रामकृष्ण जमलोकी, जसपाल राणा बैठे हैं। संघर्ष समिति के संरक्षक राजाराम सेमवाल ने बताया कि दस दिन तक क्रमिक अनशन जारी रहने के बाद जिला प्रशासन के साथ वार्ता बेनतीजा रहने के उपरांत मजबूरन शुक्रवार 20 मार्च से आमरण अनशन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक जिला प्रशासन छात्रावास भवन को खाली नहीं करेगा तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
पीटीए अध्यक्ष जसपाल राणा ने कहा कि छात्रावास भवन को खाली कराने को लेकर स्थानीय जनता आंदोलित है परन्तु हमारे नेता जनता की सुध लेने नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने अतिशीघ्र छात्रावास भवन को खाली करने की मांग की है।
इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य योगिता नेगी रावत, पूर्व ब्लॉक प्रमुख जयनारायण नौटियाल, श्याम लाल पंवार, पशुपति कुर्मांचली, टीकाराम सेमवाल, विजय सिंह शाह, विजय राम सेमवाल, चरण सिंह मेहरा, जगदम्बा प्रसाद जमलोकी, शांति जमलोकी, अमित सेमवाल, नागेन्द्र रावत, संजय जमलोकी सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।



