कुंड – चोपता मोटर मार्ग पर ताला तोक मे ट्रीटमेंट का कार्य धीमी गति से होने से व्यापारियो व स्थानीय जनता में भारी आक्रोश

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। कुण्ड – चोपता – गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग 107A पर ताला तोक मे ट्रीटमेंट का कार्य कछुवा गति से होने के कारण तुंगनाथ घाटी के व्यापारियो व स्थानीय जनता मे विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश बना हुआ है। विभागीय अनदेखी के कारण ताला तोक मे कई वाहन आवाजाही करते समय बड़े हादसे का शिकार होने से बाल – बाल बचे है। चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व यदि आपदा से क्षतिग्रस्त ताला तोक का सही ट्रीटमेंट नही किया गया तो तुंगनाथ घाटी का तीर्थाटन- पर्यटन व्यवसाय खासा प्रभावित होगा, साथ ही केदारनाथ से तुंगनाथ धाम व बद्रीनाथ जाने वाले तीर्थ यात्रियो को जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर होना पड़ सकता है। आपदा के आठ माह बाद भी ताला तोक का सही ट्रीटमेंट न होने से विभाग की कार्यप्रणाली सवालो के घेरे मे है। स्थानीय जनता का कहना है कि एक तरफ प्रदेश सरकार चार धाम यात्रा को सुगम व सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने का दावा कर रही है दूसरी तरफ आपदा के आठ माह बाद भी ताला तोक का सही तरीके से ट्रीटमेंट न होने से स्थानीय जनता व तुंगनाथ घाटी पहुंचने वाले पर्यटको को जान हथेली पर रखकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
बता दे कि विगत वर्ष 20 मई को तुंगनाथ घाटी मे हुई मूसलाधार बारिश के कारण आकाशकामिनी नदी के जल स्तर मे भारी वृद्धि होने से ताला तोक के निचले हिस्से मे भूस्खलन होने से कुण्ड – चोपता – गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग 107A का बड़ा हिस्सा भूस्खलन की भेंट चढ गया था जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई दिनो तक यातायात ठप रहने से तुंगनाथ घाटी सहित तुंगनाथ धाम का तीर्थाटन – पर्यटन व्यवसाय खासा प्रभावित हो गया था। कुछ दिनो बाद राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा यातायात बहाल तो किया गया मगर आपदा से क्षतिग्रस्त भूभाग का सही ट्रीटमेंट न होने से दर्जनो वाहनो के पलटने से वाहनो को भारी क्षति पहुंची थी । विगत दिनो ग्राम पंचायत उषाडा के प्रशासक कुवर सिंह बजवाल के सोशल मीडिया पर वाहन पलटने का फोटो शेयर करने से विभाग हरकत मे तो आया मगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ताला तोक मे ट्रीटमेंट का कार्य कछुवा गति से चलने से विभागीय कार्यप्रणाली सवालो के घेरे मे आ गयी है। पूर्व प्रधान प्रदीप बजवाल का कहना है कि आगामी 30 अप्रैल से चार धाम यात्रा का आगाज होने जा रहा है यदि चार धाम यात्रा से पूर्व ताला तोक का सही ट्रीटमेंट नही किया गया तो तुंगनाथ व बद्रीनाथ धाम जाने वाले तीर्थ यात्रियो को भारी परेशानियो का सामना करना पड सकता है तथा आगामी बरसात मे तुंगनाथ घाटी के जनमानस की मुश्किले बढ़ सकती है। ग्रामीण महिपाल बजवाल का कहना है कि जब तक ताला तोक के निचले हिस्से मे आकाशकामिनी नदी के किनारे सुरक्षा दिवालो का निर्माण नही किया गया तब तक हर बरसात मे भूस्खलन की समस्या बनी रहेगी। वही राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियो ने बताया कि ताला तोक मे ट्रीटमेंट का कार्य जारी है तथा चार धाम यात्रा का आगाज होने से पूर्व ताला तोक का ट्रीटमेंट कार्य पूर्ण किया जायेगा ।



