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बागवानी से बदल रही मद्महेश्वर घाटी की तस्वीर

लक्ष्मण सिंह नेगी।

गैड़ बष्टी के प्रगतिशील काश्तकार बलवीर राणा की मूली अगस्त्यमुनि तक पहुँची ।

ऊखीमठ। मद्महेश्वर घाटी के दूरस्थ गैड़ बष्टी के प्रगतिशील काश्तकार बलवीर राणा अपनी मेहनत और आधुनिक बागवानी के बल पर क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर रहे हैं। उनकी बागवानी में उत्पादित ताज़ी एवं गुणवत्तापूर्ण मूली की मांग अब स्थानीय बाजारों से निकलकर मनसूना, ऊखीमठ और अगस्त्यमुनि तक पहुँच गई है। मंगलवार को उन्होंने लगभग दो कुन्तल मूली की खेप अगस्त्यमुनि के लिए रवाना की, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य मिलने के साथ स्थानीय कृषि उत्पादों को भी नई पहचान मिल रही है। प्रगतिशील काश्तकार बलवीर राणा ने बताया कि इस वर्ष अब तक वे 13 कुन्तल मूली का विक्रय कर चुके हैं, जबकि उनकी बागवानी में अभी भी लगभग 10 कुन्तल मूली तैयार खड़ी है। आने वाले दिनों में इसकी भी विभिन्न बाजारों में आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने बताया कि पर्वतीय जलवायु और जैविक पद्धति से तैयार होने वाली सब्जियों की गुणवत्ता बेहतर होने के कारण उपभोक्ता इन्हें विशेष पसंद कर रहे हैं। ग्राम पंचायत पाली सरूणा पूर्व प्रधान प्रेमलता पन्त का कहना है कि यदि किसानों को समय पर बाजार, परिवहन और सरकारी प्रोत्साहन मिले तो मद्महेश्वर घाटी की सब्जियां प्रदेश के बड़े बाजारों में भी अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। क्षेत्र की जलवायु नकदी फसलों, सब्जियों और बागवानी के लिए अत्यंत अनुकूल है, जिसका लाभ अब धीरे-धीरे स्थानीय किसान उठाने लगे हैं।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा का कहना है कि गैड़ बष्टी तोक आज भी बेहतर सड़क सुविधा से वंचित है। वर्षों से इस क्षेत्र को मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग उठती रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। सड़क सुविधा के अभाव में किसानों को अपने उत्पाद पीठ या खच्चरों के माध्यम से मुख्य मार्ग तक पहुँचाने पड़ते हैं, जिससे समय, श्रम और लागत तीनों बढ़ जाते हैं।
व्यापार संघ अध्यक्ष मनसूना अवतार राणा का कहना है कि यदि गैड़ बष्टी तोक को शीघ्र मोटर मार्ग से जोड़ दिया जाए तो क्षेत्र में कृषि, बागवानी, दुग्ध उत्पादन और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। प्रधान गडगू सरिता नेगी ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से गैड़ बष्टी तोक को शीघ्र सड़क सुविधा से जोड़ने तथा पर्वतीय किसानों के लिए विपणन और परिवहन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि बलवीर राणा जैसे प्रगतिशील किसानों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो पर्वतीय कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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