दुर्योधन वध व पाण्डवों के अस्त्र – शस्त्र विसर्जन के साथ हुआ पाण्डव नृत्य का समापन

लक्ष्मण सिंह नेगी।
ऊखीमठ। तहसील मुख्यालय के निकटवर्ती गाँव पठाली में आयोजित पाण्डव नृत्य का समापन हाथी कौथिग, दुर्योधन वध व पाण्डवों के अस्त्र – शस्त्र विसर्जित के साथ हो गया है। पाण्डव नृत्य के समापन अवसर पर विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने पाण्डवों के दर्शन कर मनौती मांगी। पाण्डवों के अस्त्र – शस्त्र विसर्जित होते ही पाण्डव पश्वाओ की आंखे छलक उठी। पठाली गाँव में पाण्डव नृत्य के आयोजन से क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
जानकारी देते हुए प्रधान गुड्डी देवी राणा ने बताया कि विगत 23 दिसम्बर से पाण्डव नृत्य का शुभारंभ किया गया था तथा पाण्डव नृत्य में अनेक धार्मिक, पौराणिक, आध्यात्मिक परम्पराओं का निर्वहन किया गया। उन्होंने बताया कि पाण्डव नृत्य में श्रीकृष्ण, युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल, सहदेव , द्रोपती, हनुमान सहित अनेक पाण्डव पश्वाओ द्वारा अहम भूमिका निभाई गयी। पाण्डव नृत्य कमेटी अध्यक्ष देवेन्द्र राणा ने बताया कि पाण्डव नृत्य में पाण्डवों के अस्त्र – शस्त्र पाण्डव चौक लाना, गैंडा कौथिग, पयांडाली, हाथी कौथिग, तीर्थ यात्रा भ्रमण, ग्राम भ्रमण, गंगा स्नान, हाथी कौथिग सहित पाण्डव नृत्य के धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सचिव नागेन्द्र राणा ने बताया कि पाण्डव नृत्य के आयोजन से ग्रामीणों व धियाणियो में भारी उत्साह बना रहा प्रति दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पाण्डव नृत्य में शामिल होकर क्षेत्र के खुशहाली व विश्व समृद्धि की कामना की। क्षेपस विजय लक्ष्मी देवी ने बताया कि तीर्थ भ्रमण के तहत पाण्डवों ने भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर तीर्थ की यात्रा की। कमेटी उपाध्यक्ष प्रदीप त्रिवेदी ने बताया कि नगर भ्रमण के तहत पाण्डवों ने किमाणा व पठाली गाँव का भ्रमण कर ग्रामीणों को आशीर्वाद दिया। पाण्डव नृत्य के समापन अवसर पर सह सचिव विजय त्रिवेदी, मंत्री जगदीश राणा, कोषाध्यक्ष मनवर सिंह नेगी, वन पंचायत सरपंच भरत राणा , शिव सिंह पंवार, विजय सिंह पंवार, बबलू जंगली, पूनम नौटियाल , चंन्दा नेगी, जय प्रकाश पंवार, अशोक तिवारी सहित जनप्रतिनिधि व सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।



