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बेंजी बना रुद्रप्रयाग का पहला संस्कृत ग्राम, सीएम  धामी ने वर्चुअल माध्यम से किया शुभारंभ

यहां के संग्रहालय में आज भी है 500 वर्ष पुरानी हस्तलिखित संस्कृत पांडुलिपियां सुरक्षित

रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लॉक का बेंजी गांव अब एक विशिष्ट पहचान के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज वर्चुअल माध्यम से यहां जनपद के पहले संस्कृत ग्राम का विधिवत शुभारंभ किया। यह गांव लगभग सात सौ वर्षों से संस्कृत भाषा की परंपरा को जीवंत रखे हुए है और आज भी गांव में संस्कृति और संस्कृत दोनों रची-बसी हैं।

बेंजी गांव का ऐतिहासिक महत्व भी कम नहीं है। यहां सदियों पहले स्थापित अगस्त्य गुरुकुलम कभी मन्दाकिनी घाटी का एकमात्र शिक्षा केंद्र था। इस गुरुकुल ने अनेक विद्वानों को जन्म दिया और ज्ञान की अमिट धारा बहाई। आज भी यहां के पुस्तकालय और संग्रहालय में 400 से 500 वर्ष पुरानी हस्तलिखित संस्कृत पांडुलिपियां सुरक्षित रखी हुई हैं, जो गांव की समृद्ध बौद्धिक विरासत का प्रमाण हैं।

गांव में आयोजित शुभारंभ समारोह का आरंभ श्री महंत शिवानंद जी महाराज के पावन करकमलों से दीप प्रज्वलित कर हुआ। उनके साथ विधायक प्रतिनिधि अनूप सेमवाल, जिला प्रचारक पंकज , पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अरुणा बेंजवाल, ग्राम प्रधान विमला देवी तथा सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा रुद्रप्रयाग मनसाराम मैंदुली ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

कार्यक्रम संचालन का दायित्व जगदम्बा बेंजवाल एवं दीपक बेंजवाल ने संभाला। समारोह में क्षेत्रभर से पहुंचे संस्कृत प्रेमियों, विद्वानों और ग्रामीणों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया।इस अवसर पर मनोज नोटियाल, वसुदेव सेमवाल, चन्द्र शेखर बेंजवाल, शिव प्रसाद शर्मा, मदन वशिष्ठ, अयोध्या बेंजवाल, कैलाश, अनिल, मनोज बेंजवाल, सुमेधा बेनीवाल, रश्मि, संगीता, भागीरथी समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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