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केदारनाथ धाम के रक्षक भगवान भूकुंड भैरव नाथ के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद

पूजा-अर्चना हवन यज्ञ पश्चात श्री भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए बंद हुए।

केदारनाथ। श्री केदारनाथ धाम के रक्षक भगवान भूकुंड भैरव नाथ के कपाट आज मंगलवार को  अपराह्न डेढ बजे शीतकाल के लिए विधि- विधान से बंद हो गये है।

वहीं, श्री केदारनाथ धाम के कपाट भैयादूज रविवार 3 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद हो रहे हैं। इस वर्ष  केदारनाथ धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या पौने 16 लाख पहुंच गयी है। प्रतिदिन पंद्रह हजार से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंच रहे है।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने बताया कि चार दिन पश्चात केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे इसी क्रम में आज मंगलवार अपराह्न डेढ बजे भगवान केदारनाथ के द्वारपाल रक्षक भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए विधि- विधान से बंद हो गये है।

आज पूर्वाह्न 11.30 बजे श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर के पुजारी, वेदपाठी तीर्थ पुरोहित समाज के पदाधिकारीगण भैरवनाथ मंदिर पहुंचे तथा भकुंट भैरवनाथ के जलाभिषेक के बाद पूजा-अर्चना की, भोग समर्पित किया तथा हवन यज्ञ संपन्न हुआ। इस अवसर पर सबके कल्याण तथा चारधाम यात्रा के निर्विघ्न समापन की प्रार्थना गयी।इसके पश्चात अपराह्न डेढ बजे भगवान भैरवनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिये गये।

इस अवसर पर मंदिर समिति पूर्व कार्याधिकारी /समन्वयक आरसी तिवारी, केदारनाथ मंदिर प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग, वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पूर्व अध्यक्ष विनोद शुक्ला, पंचपंडा समिति अध्यक्ष अमित शुक्ला ,भैरवनाथ के पश्वा अरविंद शुक्ला, प्रकाश जमलोकी, कुलदीप धर्म्वाण ललित त्रिवेदी, प्रबल सिंह रावत सहित तीर्थयात्री मौजूद रहे।

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