चारधाम यात्रा में यात्रियों की सीमित संख्या को समाप्त करने को लेकर केदारघाटी के व्यवसायियों ने किया विरोध, गुप्तकाशी में बैठक की आयोजित

चारधाम यात्रा में यात्रियों की सीमित संख्या को समाप्त करने को लेकर केदारघाटी के व्यवसायियों ने किया विरोध, गुप्तकाशी में बैठक की आयोजित
गुप्तकाशी। चारधाम यात्रा में दर्शन हेतु आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अनिवार्यता एवं धामों में दर्शन हेतु यात्रियों की सीमित संख्या को लेकर केदारघाटी के होटल व्यवसायियों, तीर्थपुरोहितों ने बैठक आयोजित कर अपना विरोध दर्ज किया।
चारधाम यात्रा में प्रदेश सरकार के द्वारा श्रद्धालुओं को दर्शनों हेतु ऑनलाइन पंजीकरण की अनिवार्यता व धामों में दर्शनों हेतु समिति संख्या की बाध्यता को लेकर आज 21 मार्च को चारधाम महापंचायत एवं होटल एसोसिएशन द्वारा चारों धामों में विरोध प्रदर्शन किया गया।
गुप्तकाशी में चारधाम महापंचायत द्वारा आयोजित बैठक में केदारघाटी के होटल व्यवसायी एवं केदारनाथ तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे। वहां उपस्थित सभी के द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता व सीमित संख्या की बाध्यता को लेकर विरोध प्रकट किया। सीमित संख्या समाप्त न किए जाने पर भी आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
चारधाम महापंचायत के उपाध्यक्ष संतोष त्रिवेदी ने कहा कि सरकार भक्तों को भगवान के दर्शन करने से रोकना चाहती है जो सरासर पाप है, किसी भी प्रदेश में इस प्रकार मंदिरों में दर्शनों हेतु सीमित संख्या नहीं की गई है। सरकार इस फैसले को शीघ्र वापिस ले। बैठक में श्रीकेदारधाम होटल एसोसिएशन केदारघाटी के अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता एवं धामों में दर्शनों हेतु यात्रियों की सीमित संख्या को समाप्त करने को लेकर विरोध प्रकट किया। उन्होंने कहा कि पूर्व यात्रा सीजन की भांति इस वर्ष भी रजिस्ट्रेशन ऑफ़लाइन भी चलाया जाए।
केदारसभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि यात्रियों को धामों में दर्शनों हेतु आने दिया जाय इस प्रकार से भक्तों पर पाबंदियां न लगाई जाए।
वहीं बैठक में मौजूद तीर्थपुरोहितों व होटल व्यसायियों ने अपना विरोध प्रकट किया साथ ही सरकार से चारो धामों में दर्शनों हेतु श्रद्धालुओं की सीमित संख्या समाप्त करने की मांग की। 
बैठक में होटल एसोसिएशन सचिव नितिन जमलोकी, उपाध्यक्ष प्रमोद नौटियाल, केदार सभा के विष्णु कांत कुर्मांचली, पंकज शुक्ला, अंकित सेमवाल, केशव तिवारी, संजय तिवारी, प्रदीप शुक्ला, कमलेश भट्ट, जितेंद्र सेमवाल, किशन रावत, जगदम्बा सेमवाल, अंकित राणा, शेखर नौटियाल सहित तीर्थ पुरोहित एवं होटल व्यवसायी उपस्थित रहे।



