बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी, एक सप्ताह तक करेंगे क्रमिक अनशन

रूद्रप्रयाग। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी वर्षों पुरानी मांगों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन का ऐलान किया है। दशकों से मंदिरों में सेवाएं दे रहे करीब 300 अस्थायी कार्मिक अब क्रमिक अनशन के जरिए अपनी आवाज बुलंद करेंगे। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद विभाग उनकी मांगों की अनदेखी कर रहा है। वहीं, दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया है। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
बीकेटीसी के अधीन कार्यरत करीब 300 अस्थायी कार्मिक अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे दशकों से बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में सेवाएं दे रहे हैं और यात्रा व्यवस्थाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों का अब तक समाधान नहीं हो पाया है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सेवा के दौरान दिवंगत हो चुके करीब एक दर्जन कार्मिकों के परिवारों और आश्रितों को मृत्यु के बाद भी आर्थिक सहायता नहीं दी गई। उनका कहना है कि पूर्व में भी विभाग को मांगों के समयबद्ध निस्तारण के लिए सूचित किया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसी से नाराज कर्मचारियों ने मंगलवार से एक सप्ताह तक मंदिर प्रांगण में क्रमिक अनशन करने का निर्णय लिया है। यह अनशन प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि इस दौरान भी उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे।



