मध्य महेश्वर धाम : गोंडार गांव में हक हकूक और परंपराओं की सुरक्षा के लिए नियमावली लागू, नई कार्यकारिणी गठित

रूद्रप्रयाग। मध्यमहेश्वर घाटी के ग्राम सभा गोंडार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम सयाणा, पंच, महिला मंगल दल, नवयुवक मंगल दल एवं अन्य ग्रामीणों की उपस्थिति में श्री पंच कारबारियन (मध्यमहेश्वर) नियमावली – 2026 को सर्वसम्मति से पारित कर लागू कर दिया गया। लंबे समय से चल रहे विचार विमर्श के बाद इस पारंपरिक व्यवस्था को अब औपचारिक रूप से प्रदान किया गया है। जिसे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
बैठक में मंदिर के सुचारू संचालन एवं पारंपरिक हक हकूक के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नई कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया गया। इसमें मुख्य करबारी संरक्षक, अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों के दायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित किए गए हैं, साथ ही थोर – भंडारी, सरपंच और ग्राम प्रधान को पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। नई कार्यकारिणी में फते सिंह पवार को मुख्य कारबारी (संरक्षक), शिवानंद सिंह पवार अध्यक्ष, वीरेंद्र सिंह पवार सचिव, दिलबर सिंह पवार को कोषाध्यक्ष तथा रमेश सिंह पवार, भीमराज सिंह पवार और बलवंत सिंह पवार को सदस्य बनाया गया है। पदेन सदस्यों में मदन सिंह पवार, विशंभर सिंह पवार (थोर भंडारी), जसपाल सिंह पवार (सरपंच) और अनूप पवार (ग्राम प्रधान) शामिल है।
मंदिर की गरिमा और परंपराओं के विरुद्ध किसी भी कार्य पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान भी नियमावली में रखा गया है। गोंडार निवासी अभिषेक पंवार ने कहा कि यह नियमावली हमारे गांव हमारी संस्कृति और मध्यमहेश्वर धाम की पारंपरिक व्यवस्था को संरक्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। लंबे समय से चल रही प्रयासों के बाद आज हमारे प्राचीन पंच कारबारियन व्यवस्था को एक मजबूत और स्पष्ट स्वरूप मिला है। इससे न केवल मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी बल्कि स्थानीय लोगों की सहभागिता भी सुनिश्चित होगी। हम सभी ग्राम वासियों के सहयोग से यह संभव हो पाया है। उन्होंने सभी ग्राम सभा सदस्यों, पदाधिकारियों और हक हकूक धारियों का आभार व्यक्त करते हुए इसी सामूहिक एकता और परंपरा के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।



