खुमेरा और न्यालसू में घोड़े खच्चरों के हुए पंजीकरण

खुमेरा और न्यालसू में घोड़े खच्चरों का पंजीकरण शिविर आयोजित
फाटा। श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुगम ओर सुव्यवस्थित बनाने को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है।
केदारनाथ यात्रा की रीढ़ कहे जाने वाले घोड़ा खच्चरों के लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया इन दिनों जारी है।
पशुपालन विभाग द्वारा तीनों विकास खंडों हेतु रोस्टर जारी किए गए हैं। जिसके अनुसार ही यात्रा पड़ावों पर घोड़ा खच्चरों के पंजीकरण किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। जिसमें फिटनेस प्रमाण पत्र, माइक्रोचिपिंग, टैगिंग, रक्त शैपलिंग, पशु बीमा एवं पंजीकरण किया जाएगा।
बुधवार को केदारघाटी के खुमेरा ओर न्यालसू में घोड़ा खच्चरों के पंजीकरण बनाने की प्रक्रिया सुबह दस बजे से शुरू की गई। जिला पंचायत के कर्मचारी दिनेश नौटियाल ने बताया कि खुमेरा में प्रातः दस बजे घोड़ा खच्चरों के पंजीकरण बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई जिसमें पशुपालन विभाग के चिकित्सकों द्वारा घोड़ा खच्चरों की पूर्ण जांच की गई मेडिकल फिट होने के बाद सर्टिफिकेट जारी किया गया। उसके पश्चात बीमा किया गया। जिसके बाद घोड़े खच्चरों के लाइसेंस जारी किए गए। खुमेरा में आयोजित पंजीकरण शिविर में 245 घोड़े खच्चरों के लाइसेंस जारी किए गए। शिविर में बीमा शुल्क 3500 रुपए, जिला पंचायत शुल्क 654 रुपए तथा मेडिकल शुल्क 50 रुपए लिए गए।
वहीं, न्यालसू में घोड़े खच्चरों का पंजीकरण शिविर करीब बारह बजे के बाद प्रारंभ हुआ। जिला पंचायत कर्मचारी बलबीर सिंह नेगी बताया कि न्यालसू में देरी से शिविर प्रारंभ होने से देर सांय तक मेडिकल जांच के बाद बीमा किया गया देर सांय तक करीब 220 घोड़े खच्चरों के लाइसेंस जारी किए गए। उन्होंने बताया कि खच्चरों की संख्या अधिक होने से सात बजे सांय तक कैंप जारी रहेगा।



