राजकीय शिक्षक संघ का प्रधानाचार्य सीधी भर्ती निरस्त करने को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी, 14 सितंबर को रुद्रप्रयाग संगम तट पर इस भर्ती के तर्पण का विशाल कार्यक्रम

14 सितंबर को राजकीय शिक्षक संघ द्वारा प्रधानाचार्य सीधी भर्ती निरस्त करने हेतु रुद्रप्रयाग संगम तट पर इस भर्ती के तर्पण का विशाल कार्यक्रम आयोजित
गुप्तकाशी। राजकीय शिक्षक संघ जनपद रुद्रप्रयाग ने शिक्षा विभाग एवं वर्तमान सरकार के उपेक्षा पूर्ण रवैए के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त किया है। राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड 18 अगस्त से शत प्रतिशत पदोन्नति प्रधानाचार्य सीधी भर्ती के निरस्तीकरण, वार्षिक स्थानांतरण सहित 30 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत है। प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देश पर चौक डाउन, खंड शिक्षा कार्यालय पर धरना प्रदर्शन, मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन, निदेशालय स्तर पर धरना प्रदर्शन शिक्षक अपना व्यक्तिगत अवकाश लेकर कर चुके हैं। शिक्षकों के इस आंदोलन को विभिन्न कार्मिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों का अपूर्व सहयोग और समर्थन प्राप्त हो रहा है लेकिन विभाग और सरकार के द्वारा अभी तक कोई भी वार्ता की पहल शिक्षकों के साथ नहीं की गई है।
जिला अध्यक्ष आलोक रौथाण ने कहा है कि छात्र हितों को सर्वोपरि रखते हुए राजकीय शिक्षकों द्वारा कक्षा शिक्षण को विधिवत जारी रखा गया है परंतु शिक्षण के अतिरिक्त अन्य सभी कार्यों का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जा रहा है। रविवार 14 सितंबर को राजकीय शिक्षक संघ जनपद रूद्रप्रयाग प्रधानाचार्य सीधी भर्ती निरस्त करने हेतु रुद्रप्रयाग संगम पर इस भर्ती के तर्पण का विशाल कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं साथ ही सरकार की इस उपेक्षा पूर्ण दृष्टिकोण के प्रति राजकीय शिक्षक 17 सितंबर को उत्तराखंड की 13 जनपदों से अभूतपूर्व संख्या में राजकीय शिक्षक पहुंचकर सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास घेराव करेंगे। जिला मंत्री शंकर भट्ट जी का कहना है कि वर्तमान में 5 प्रतिशत विद्यालयों में भी प्रधानाचार्य कार्यरत नहीं है सभी हाई स्कूल और इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य का कार्य राजकीय शिक्षक संघ के कर्मठ शिक्षक विगत कई वर्षों से प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं सरकार की हठधर्मिता के कारण सभी प्रभारी प्रधानाचार्यों ने अपने प्रभार को त्याग कर खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दिया है।
जनपदीय संरक्षक नरेश भट्ट ने राजकीय शिक्षकों को मिल रहे व्यापक समर्थन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ, अशासकीय शिक्षक संघ, मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, विधायक आशा नौटियाल एवं विभिन्न जनप्रतिनिधियों की समर्थन से राजकीय शिक्षकों की और न्याय की लड़ाई मजबूत हुई है। जिला उपाध्यक्ष शिशुपाल पवार ने बताया कि जनपद के अधिकारियों के संज्ञानार्थ कार्यकारिणी के द्वारा सभी आवश्यक पत्र समयबद्ध निर्गत किए जा रहे हैं। जिला महिला उपाध्यक्ष कुसुम भट्ट ने कहा कि इस आंदोलन में मातृशक्ति के रूप में शिक्षिकाऐं अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सभी शिक्षिकाओं ने तर्पण कार्यक्रम एवं मुख्यमंत्री आवास घेराव हेतु कमर कस ली है। जिला प्रवक्ता अजय भट्ट ने कहा कि यह आन्दोलन केवल शिक्षकों की न्याय उचित मांगों का ही नहीं अपितु अब शिक्षकों के मान सम्मान ओर स्वाभिमान से जुड़ चुका है जिसके लिए शिक्षक आमरण अनशन के लिए भी तैयार है।



