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टीईटी अनिवार्यता के विरुद्ध व पुरानी पेंशन बहाली को लेकर 10 जुलाई को तहसीलों पर धरना देंगे प्राथमिक शिक्षक

लक्ष्मण सिंह नेगी।
ऊखीमठ।  उत्तराखंड राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की जनपदीय संयुक्त समिति की बैठक प्राथमिक शिक्षक संघ भवन अगस्त्यमुनि में सम्पन्न हुई। बैठक में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के निर्देशानुसार उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर एसोसिएशन (उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ) उत्तराखंड की प्रान्तीय तदर्थ समिति के आवाह्न पर आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को सेवा में बने रहने व पदोन्नति हेतु टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने व पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर निर्धारित राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के अगले चरण में 10 जुलाई को तहसील स्तर पर धरना कार्यक्रम व उप जिला अधिकारी के माध्यम से शिक्षा मंत्री व प्रधानमंत्री भारत सरकार को ज्ञापन सौंपने को लेकर आंदोलन को तेज करने के लिए रणनीति बनाई गई। वक्ताओं द्वारा कहा गया कि आरटीआई कानून 2009 में केन्द्र सरकार द्वारा 2017 में संशोधन कर आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता को रखा गया है, जबकि शिक्षक समय-समय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अर्हताएं पूर्ण कर ही सेवा में आए हैं।आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से मुक्त रखने के लिए, 2017 में बदले गए कानून में आवश्यक संशोधन की मांग पुरजोर ढंग से की गई। साथ ही 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों व कार्मिकों को पुरानी पेंशन बहाली करते हुए सेवानिवृत्ति के बाद बुढ़ापे में उनके आर्थिक व सामाजिक जीवन को सुरक्षित रखने हेतु पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की गई। जिला अध्यक्ष विक्रम सिंह झिंक्वाण ने कहा कि आरटीआई अधिनियम 2009 में शिक्षकों की नियुक्ति हेतु टीईटी एक पात्रता परीक्षा के रूप में निर्धारित की गई थी। जिसे राज्यों द्वारा अलग-अलग समय से अपने यहां लागू किया गया। यहां तक कि आरटीआई अधिनियम पारित होने से पूर्व जारी नियुक्ति की विज्ञप्तियों पर की गई नियुक्तियां भी टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रही हैं। क्योंकि खेल के बीच में कोई नियम नहीं बदले जाते हैं। शिक्षक टीईटी परीक्षा देने व उसे पास करने से नहीं घबरा रहें हैं, कानून बनने से पहले वालों पर उसे लागू करना स्वयं कानून के हिसाब से उचित नहीं है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष ललित काला ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 2017 में टीईटी कानून में संशोधन कर इसे पूर्व से कार्यरत सभी शिक्षकों के लिए सेवा में बने रहने व पदोन्नति हेतु टीईटी की अनिवार्य कर शिक्षकों के लिए एक अलग से नियम बनाया गया है, जो कि एक धोखा है, लम्बी-लम्बी सेवा के बाद उन्हें पात्रता परीक्षा के लिए बाध्य करना न्याय संगत नहीं कहा जा सकता है। सेवा के मध्य किसी भी परीक्षा को शिक्षक स्वीकार नहीं करेंगे।जिला मंत्री दिनेश चंद्र भट्ट ने कहा कि सेवा में बने रहने व पदोन्नति हेतु अन्य किसी भी प्रकार के सेवकों के लिए बीच में कोई पात्रता परीक्षा की बाध्यता नहीं है। केवल शिक्षकों के लिए ऐसा क्यों। शाखा अध्यक्ष अगस्त्यमुनि अनूप नेगी ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक संघ लगातार अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों को पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग लम्बे समय से करते आ रहा है। जिसके लिए शिक्षक संघ पूर्व में भी कई-कई बार राष्ट्रव्यापी एवं राज्यव्यापी आंदोलन कर चुका है, लेकिन सरकार मांगों को अनसूना कर रही है। जिससे शिक्षकों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।आंदोलन शिक्षकों के लिए एक बहुत अप्रिय कदम है, लेकिन आंदोलन के लिए हमें बाध्य किया जा रहा है। उक्त दोनो प्रमुख मांगों को लेकर उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ से प्राप्त निर्देश पर राज्य स्तर पर राज्यव्यापी आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया गया है। राज्य संगठन द्वारा घोषित आन्दोलन के क्रम में जनपदीय संगठन द्वारा जनपद स्तर पर आगामी 10 जुलाई को संगठन की क्षेत्रीय शाखाओं द्वारा तहसील मुख्यालयों पर एक दिवसीय सांकेतिक धरने के माध्यम से शिक्षा मंत्री व प्रधानमंत्री भारत सरकार को आरटीआई अधिनियम से पूर्व सभी शिक्षकों को टीईटी मुक्ति व 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन वहाल करने हेतु ज्ञापन प्रेषित करेगा। बैठक में तय किया गया कि जनपदभर के सभी प्रारम्भिक शिक्षक अपनी-अपनी तहसीलों मे 10 जुलाई को 1 बजे दोपहर से 3 बजे तक तहसील परिसर में धरना देंगे व 2:30 से 03 बजे के मध्य उप जिला अधिकारी के माध्यम से अपने मांगों के संदर्भ में शिक्षा मंत्री व प्रधानमंत्री भारत सरकार को ज्ञापन प्रेषित करेंगे। प्राथमिक शिक्षक इससे पूर्व देहरादून में सचिवालय कूच के माध्यम से अपनी ताकत दिखा चुके हैं,और उसके बाद सभी जनप्रतिनिधियों को उनके क्षेत्र में ज्ञापन सौंपा चुके है। मांगें पूरी होने तक आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता प्राथमिक शिक्षक संघ के जनपदीय अध्यक्ष विक्रम सिंह झिंक्वाण ने की तथा संचालन जिला मंत्री दिनेश चंद्र भट्ट ने किया। बैठक में प्रान्तीय तदर्थ समिति के सदस्य बीरेंद्र कठैत, जनपदीय बरिष्ठ उपाध्यक्ष ललित काला, जिला उपाध्यक्ष त्रिलोक सिंह रावत, मनोज शर्मा, क्षेत्रीय शाखा अध्यक्ष विजयराम गोस्वामी, अनूप नेगी, अरविंद सकलानी, शिव प्रसाद भट्ट, चारू चन्द्र खण्डूरी, बीना पंवार, शिव प्रसाद पुजारी, अनवर सिद्धकी, त्रिलोक बिष्ट, कविन्द्र थपलियाल, देवेन्द्र बजवाल, राकेश नैनवाल, जाकिर हुसैन, रमेश शाह सहित जनपदीय व क्षेत्रीय शाखाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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