केदारनाथ धाम में भूमि के अधिकार को लेकर तीर्थपुरोहितों का रहा बाजार बंद, 18 से आमरण अनशन की चेतावनी

केदारनाथ धाम में भूमि के अधिकार को लेकर तीर्थपुरोहितों का रहा बाजार बंद, 18 से आमरण अनशन की चेतावनी
रूद्रप्रयाग। भूस्वामित्व का अधिकार सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर केदारनाथ धाम में तीर्थ पुरोहित के आंदोलन के चलते व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे इस दौरान तीर्थ पुरोहितों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर दो दिवसीय क्रमिक अनशन प्रारंभ किया।बंद के कारण केदारनाथ पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों को खाने-पीने एवं रहने में खासी दिक्कतें उठानी पड़ी। मांगे न मानने पर आंदोलनकारियों ने 18 सितंबर से आमरण अनशन की चेतावनी भी दी है।
आपको बता दें कि निर्धारित कार्यक्रम को लेकर शनिवार को केदारनाथ धाम में समस्त तीर्थ पुरोहित केदार सभा के नेतृत्व में प्रातः मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। यहां भूमिधर अधिकार एवं खड़े भावनाओं से छेड़छाड़ न करने को लेकर केदारनाथ मंदिर परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई।
केदारनाथ धाम में 24 घंटे के बंद के चलते सभी दुकानें होटल और लॉजो बंद रहे जिससे तीर्थ यात्रियों को खाने-पीने से लेकर रहने को लेकर खासी दिक्कत उठानी पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने कहां कि केदारनाथ तीर्थपुरोहित समाज अपनी मांगों को लेकर आंदोलित है, वर्ष 2013 की आपदा में केदारनाथ धाम में जो भवन बहे थे और उनके स्थान पर निर्माण हुई भवनों को उन्हें सौंपा जाए। तीर्थ पुरोहितों को केदारनाथ में भूमि का अधिकार मिले। आपदा से पहले उन्हें भूमि का अधिकार था, लेकिन आपदा के बाद से अभी तक उन्हें भूमि का अधिकार नहीं मिल पाया है। यदि रविवार तक उनकी मांगों पर उचित कार्यवाही नहीं होती है तो 18 सितंबर से आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे। इस अवसर पर केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, मंत्री अंकित सेमवाल, प्रवक्ता पंकज शुक्ला, संतोष त्रिवेदी, पंकज शुक्ला, प्रदीप शुक्ला, विजेंद्र शर्मा, उमेश चंद्र पोस्ती, अनिल बगवाड़ी , अरविंद शुक्ला, चिमन लाल शुक्ला, अनुराग शुक्ला, आशीष आदि मौजूद थे।



