उत्तराखंड

पंचायत प्रतिनिधियों ने की कार्यकाल को बढ़ाने की मांग, पीएम और सीएम को भेजा ज्ञापन

पंचायत प्रतिनिधियों ने की कार्यकाल को बढ़ाने की मांग, पीएम और सीएम को भेजा ज्ञापन

अगस्त्यमुनि में खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों ने भेजा पीएम और सीएम को ज्ञापन,
चरणबद्ध आंदोलन के प्रथम चरण में करेंगे धरना-प्रदर्शन,
12 जिलों के 70 हजार प्रतिनिधि लेंगे आंदोलन में भाग,
रूद्रप्रयाग। प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि उत्तराखंड में एक राज्य एक पंचायत चुनाव एवं कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन करने जा रहे हैं। ऐसा न होने पर एक जुलाई से 70 हजार त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि अपने चरण बद्ध आन्दोलन के प्रथम चरण में धरना प्रदर्शन प्रारम्भ कर देंगे।

सोमवार को प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर अगस्त्यमुनि ब्लॉक के पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष विजयपाल राणा के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में पंचायत चुनावों को एक साथ कराने तथा तब तक कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
खंड विकास अधिकारी के माध्यम से भेजे ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्तराखण्ड में हरिद्वार को छोड़कर अन्य 12 जनपदों में आगामी कुछ माह में पंचायत चुनाव होना है। पूरे देश में एक देश एक चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में बनी समिति ने अपनी सिफारिश कर दी है। उत्तराखण्ड राज्य में इसकी पहल पंचायत चुनाव से की जा सकती है। इसके लिए 12 जनपदों में पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल को बढ़ाकर हरिद्वार के साथ पंचायत चुनाव कराये जाने चाहिए। ऐसा इसलिए भी आवश्यक है कि वर्ष 2019 में हुए चुनावों के बाद गठित त्रिस्तरीय पंचायतों में कोविड के कारण दो वर्ष तक विकास कार्यों के लिए कोई बजट नहीं मिल पाया था। यहां तक कि पंचायतों की बैठकें भी नहीं हो पाई थी, जबकि महामारी को रोकने के लिए त्रिस्तरीय पंचायतों का अविस्मरीण योगदान रहा है। महामारी के इन दो वर्ष के कार्यकाल को पंचायतों के पांच वर्ष के कार्यकाल से नहीं जोड़ा जा सकता है। वर्ष 2001 में तत्कालीन उत्तराखण्ड सरकार ने अधिसूचना के माध्यम से एक वर्ष और तीन माह काकार्यकाल बढ़ाते हुए निर्वाचित त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को ही पंचायत में कार्य करने का अवसर दिया था। देश के विभिन्न राज्यों में भी पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने के लिए अध्यादेश लाया गया है और निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को कार्य करने का अवसर प्रदान किया है। त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि केन्द्र व राज्य सरकार समन्वय स्थापित कर तत्काल इस सम्बन्ध में निर्णय लें। ऐसा न होने पर एक जुलाई 2024 को उत्तराखण्ड के 12 जनपदों के जिला मुख्यालयों में त्रिस्तरीय पंचायतों के 70 हजार प्रतिनिधि अपनी मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करने को विवश होंगे। ज्ञापन में ब्लॉक प्रमुख विजया देवी, क्षेपंस सावन नेगी, प्रधान बीरों सुनीता देवी,बेंजी विमला देवी, ताल जामण शिवानन्द नौटियाल, बरम्वाड़ी अनूप नेगी, डडोली सुमानसिंह रौथन सहित कई पंचायत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर थे।

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