केदारनाथ धाम में शीतकाल में तपस्या में लीन सिद्ध महात्मा

कपाट बंद होने के बाद भी केदारनाथ धाम में तपस्यारत हैं कई साधु-संत
बर्फ से अच्छादित क्षेत्रों में तपस्या में लीन महात्मा
रुद्रप्रयाग/फाटा। ग्यारवें ज्योतिर्लिंग हिमालय की गोद मे विराजमान भगवान केदारनाथ के कपाट बंद होने के बावजूद कई साधु-संत धाम में ही रहकर बाबा केदार की तपस्या कर रहे हैं। इतना ही नहीं ये साधु-संत पूरे शीतकाल में यहीं पर रहेंगे। इन्हीं में से एक ललित रामदास महाराज एवं गरुड़ चट्टी में रामानंद आश्रम है, जहां वर्ष भर ये सिद्ध महात्मा केदारनाथ धाम में ही रहते हैं।
बता दें कि ललित रामदास महाराज बाबा बर्फानी के नाम से विख्यात हैं। केदारनाथ आपदा के बाद से ललित महाराज केदारनाथ धाम में रह रहे हैं और यात्रा काल के दौरान इनके आश्रम में प्रत्येक दिन भंडारा लगता है और साधु-संतों के अलावा यात्री भी भंडारे में शामिल होते हैं। जबकि जिन लोगों को रहने के लिये जगह नहीं मिलती है, ललित महाराज उनको अपने आश्रम में ही रूकवाते हैं।
वहीं केदारनाथ से कुछ दूरी पर स्थित गरुड़ चट्टी में स्वामी रामानन्द आश्रम स्थित है। इस आश्रम में महंत मदन मोहन दास के सानिध्य में 4 से 5 अन्य सिद्ध संत महात्मा रहते हैं। आपदा से पूर्व पैदल मार्ग यहीं से होकर जाता था, लेकिन आपदा के कारण पैदल मार्ग पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गया था। आपदा के बाद पैदल मार्ग को दूसरी ओर बना लिया गया। अब इस मार्ग को भी खोलने की मांग की जा रही है। केदारनाथ धाम में बर्फबारी होनी शुरू हो गई है। इसके अलावा धाम में तापमान में काफी गिरावट महसूस की जा रही है। ऐसे में यहां रहना काफी मुश्किल हो जाता है, बावजूद इसके साधु संत पूरे शीतकाल में धाम में रहकर बाबा केदार की भक्ति में लीन रहते हैं।



