मां डोल्या देवी की देवरा यात्रा पहुंची मां नान्तोली मंदिर, दोनों बहनों का हुआ मिलन , सैकड़ों भक्तों ने किए दर्शन।

मां डोल्या देवी की देवरा यात्रा पहुंची मां नान्तोली मंदिर, दोनों बहनों का हुआ मिलन सैकड़ों भक्त रहे मौजूद।
फाटा। केदारघाटी के तीर्थ पुरोहितों की आराध्य मां डोल्या देवी देवरा यात्रा आज चतुर्थ दिन धारगांव होते हुए रविग्राम पहुंची वहां भगवान भैरवनाथ मंदिर में दर्शन कर मां नान्तोली मंदिर पहुंची वहां से रात्रि विश्राम के लिए जामू जाएगी।
गुरुवार को ग्राम खाट की आराध्य मां डोल्या देवी की देवरा यात्रा प्रातः खड़िया गांव से पूजा अर्चना कर पौराणिक वाद्य यंत्रों की थाप पर अगले पड़ावों के लिए रवाना हुई ।
आपको बता दें तृतीय दिवस माता मां महिष मर्दनी मंदिर मैखंडा में पहुंची जहां मां डोल्या देवी अपनी बहन मां महिष मर्दनी के दर्शनों को पहुंची इस भावुक पल के सहभागी हजारों की संख्या में मौजूद भक्त बने, मां मंदिर में माता के झूले में झूलती दिखाई दी, माता के जयकारों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बन गया। यहां से विदा लेकर माता रात्रि प्रवास के लिए खड़िया पहुंची।
देवरा यात्रा के चतुर्थ दिन ग्राम धारगांव में ग्रामीणों ने माता की डोली का भव्य स्वागत किया वहीं सामूहिक आर्ग लगाकर पूजा की गई ,माता ने सभी भक्तों को आशीर्वाद दिया। इसके पश्चात माता की डोली आज अपने कुल पुरोहितों के गाँव रविग्राम पहुंची, रविग्राम में सर्वप्रथम क्षेत्र के रक्षक भगवान भैरवनाथ (क्षेत्रपाल) मंदिर में दर्शन करने पहुंची, मंदिर में पुजारियों के द्वारा पूजा अर्चना की गई वहीं वाद्य यंत्रों के मधुर धुनों पर माता की डोली विचरण करती रही। मंदिर से निकलते ही माता की डोली रविग्राम में विश्राम करने रुकी जहां पर ग्रामीण महिलाओं ने माँगल गीतों से माता की डोली का भव्य स्वागत किया, गाँव में ग्रामीणों द्वारा सामूहिक आर्ग लगाकर पूजा की गई , माता ने सभी भक्तों को आशीर्वाद दिया। ग्रामीणों द्वारा देवरा यात्रियों हेतु जलपान कराया गया। उसके बाद माता की डोली विदा होकर आज की यात्रा के प्रमुख स्थान मां नान्तोली मंदिर पहुंची जहां पहले से सैकड़ों की संख्या में मौजूद भक्तों ने माता डोल्या की डोली का फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। माता की डोली मंदिर में पहुंचते ही चारों ओर विचरण करने लगी, इस दिव्य अलौकिक क्षण को देखने के लिए भक्त आतुर रहे, माता डोल्या और मां नान्तोली के जयकारों से वातवरण भक्तिमय हो गया। चारों ओर विचरण करने के बाद माता की डोली ने मंदिर में प्रवेश किया जहां पर पुजारियों ने पूजा अर्चना की। पौराणिक वाद्य यंत्रों की थाप से वातावरण भक्तिमय बन गया। मां नान्तोली मंदिर से डोली प्रस्थान कर अपने रात्रि प्रवास के लिए जामू पहुंची जहां ग्रामीणों ने फूल मालाओं से डोली का स्वागत किया। शुक्रवार को माता की डोली मोरू झाड़े में स्नान कर अगले पड़ावों की और रवाना होगी। विभिन्न ग्रामों मंदिरों से होते हुए 29 अगस्त को केदारनाथ धाम पहुंचेगी।
इस दौरान डोली के साथ देवरा समिति अध्यक्ष शंकर प्रसाद कुर्मांचली, उपाध्यक्ष जयंती कुर्मांचली, ग्राम प्रधान खाट योगेंद्र तिवारी, आशुतोष तिवारी, विष्णुकांत कुर्मांचली, जमुना प्रसाद कुर्मांचली, प्रकाश तिवारी ,संजय तिवारी, पप्पू तिवारी, गंगाधर कुर्मांचली, शशि भूषण, अवधेश तिवारी, सुभाष कुर्मांचली, ओंकार तिवारी, अंकित तिवारी, बंशी प्रसाद कुर्मांचली, मुकेश तिवारी, शांति तिवारी, हर्षवर्धन तिवारी सहित भक्त मौजूद रहे।



