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लमगौंडी क्रिकेट बना उत्सव और एकता की पहचान : श्रीनिवास पोस्ती

रिपोर्ट/ लक्ष्मण सिंह नेगी

ऊखीमठ। बद्री केदार मन्दिर समिति सदस्य श्रीनिवास पोस्ती ने कहा कि आज के समय में जब ग्रामीण जीवन से सामूहिक गतिविधियाँ धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं, ऐसे दौर में हमारे ऐतिहासिक एवं धार्मिक गाँव लमगौंडी ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि नेतृत्व सशक्त हो, सोच सकारात्मक हो और समाज एकजुट हो, तो कोई भी आयोजन मिसाल बन सकता है। हाल ही में लमगौंडी (गुप्तकाशी) में अजय जुगरान की अध्यक्षता में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं था, बल्कि यह गाँव की संस्कृति, अतिथि-सत्कार, अनुशासन और युवा शक्ति का भव्य उत्सव बन गया। लगभग 50 टीमों की भागीदारी ने इस आयोजन को एक खेल महाकुंभ का स्वरूप दे दिया। इस पूरे आयोजन में सबसे प्रेरणादायक बात रही गाँव के हर नागरिक द्वारा अतिथि देवो भव की भावना को आत्मसात करना। बाहर से आई प्रत्येक टीम, हर खिलाड़ी और हर अतिथि ने लमगौंडी की आत्मीयता, अपनापन और संस्कारों को महसूस किया। उन्होने कहा कि
लक्ष्मी नारायण जुगरान की अध्यक्षता में खेला गया फाइनल मुकाबला अज्जू विश्वनाथ फ्रेंड्स क्लब एवं देवांश फ्रेंड्स क्लब के मध्य हुआ। दोनों टीमों ने अनुशासित, संघर्षपूर्ण और रोमांचक खेल का प्रदर्शन किया। अंततः देवांश फ्रेंड्स क्लब ने विजय प्राप्त की, लेकिन सच्चाई यह है कि इस टूर्नामेंट में हारने वाला कोई नहीं था, क्योंकि हारते वे हैं जो मैदान में उतरने का साहस नहीं करते—यहाँ तो सभी विजेता थे। कहा कि मैच फाइनल के दिन ग्राम प्रधान रंजना देवी , जी आई सी लमगौंडी की प्रधानाचार्या श्रीमती बर्मा , क्षेत्र पंचायत सदस्य मनीष बगवाड़ी , जिला पंचायत सदस्य सुबोध बगवाड़ी , वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रसिद्ध संगीतज्ञ किशन अवस्थी , पूर्व जिला पंचायत सदस्य गणेश तिवारी , पूर्व प्रधान श्रीमती दीपा जुगरान , नरेंद्र शर्मा , पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख विष्णुकांत शुक्ला , पूर्व प्रधान लवारा कैलाश पुरोहित वेदज्ञ ओंकारनाथ बाजपेयी , पूर्व केदार सभा अध्यक्ष महेश बगवाड़ी सहित अनेक सम्मानित जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और ऊँचाई दी। इस भव्य टूर्नामेंट की आत्मा वे आवाज़ें रहीं, जिन्होंने मैदान की हर धड़कन को जन-जन तक पहुँचाया।

विशेष उल्लेखनीय यह रहा कि डिजिटल माध्यम ने लमगौंडी के इस ग्रामीण आयोजन को विश्वव्यापी पहचान दिलाने का कार्य किया। और यदि किसी एक नाम का विशेष उल्लेख आवश्यक है, तो वह पुष्पेंद्र प्रकाश शुक्ला देवरा समिति लमगौंडी के अध्यक्ष। पूरे टूर्नामेंट के मुख्य सूत्रधार, संचालक और व्यवस्थापक के रूप में उन्होंने स्वयं को सचमुच वन मैन आर्मी सिद्ध किया। योजना, संचालन, समन्वय और समाधान—हर भूमिका में उनका योगदान प्रेरणादायक रहा। यह क्रिकेट टूर्नामेंट लमगौंडी के लिए केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह संदेश है कि गाँव आज भी नेतृत्व, संस्कार, तकनीक और सामूहिकता के बल पर बड़े सपने साकार कर सकते हैं । लमगौंडी ने यह सिद्ध कर दिया कि खेल केवल खेल नहीं होता—वह समाज को जोड़ने और विश्व से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी होता है।

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