ग्राम सांकरी में पांडव नृत्य की धूम, प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु पांडव देवों का ले रहे आशीर्वाद

ग्राम सांकरी में पांडव नृत्य की धूम, प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु पांडव देवों का ले रहे आशीर्वाद
गुप्तकाशी। केदारघाटी के ग्राम पंचायत सांकरी में 2 दिसंबर से आयोजित पांडव लीला में प्रतिदिन क्षेत्र के सैकड़ो भक्त प्रतिभाग़ कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। इस पौराणिक धार्मिक आयोजन में ग्रामीणों ने भगवान पांडव देवों से क्षेत्र की खुशहाली व समृद्धि की कामना की ।
द्वापर युग के पांडवों के युद्ध, वनवास और मोक्ष की सभी कथाओं को जीवंत करने के उद्देश्य से 27 वर्षों बाद ग्राम सांकरी में पांडव नृत्य आयोजित किया गया है।
21 दिवसीय पाण्डव नृत्य में गंगा स्नान, तीर्थ भ्रमण, ग्राम भ्रमण, गैंडा कोथि, हाथी कोथि, मोरू धार सहित अनेक धार्मिक, पौराणिक, आध्यात्मिक परम्पराओं का निर्वहन किया जायेगा। वहीं पांडव लीला में कृष्ण – आदित्य लाल मोहरिया, युधिष्ठिर – सत्येंद्र राणा, भीम – नागेन्द्र नेगी, अर्जुन – गणेश नौटियाल, नकुल – अभिषेक जोशी, सहदेव – राजेश जोशी, हनुमान – नवीन राणा, द्रौपदी – वीरेंद्र सिंह राणा, सुभद्रा – गजपाल सिंह नेगी, बर्बरीक – विजय राणा, नागार्जुन – नीरज नेगी, वासुदेवा – पियूष रावत, फुलरी- यशवंत सिंह पांडव लीला में पश्वाओं की भूमिका निभा रहे हैं।
पाण्डव लीला में आगामी 25 दिसंबर को पांडव लीला का पूर्णाहुति के साथ ही बृहद समापन किया जाएगा।
पाण्डव लीला में दसवें दिन बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता नितिन जमलोकी ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से गांव क्षेत्र में आपसी सौहार्द बना रहता है तथा ग्रामीण व क्षेत्रवासी अपनी पौराणिक संस्कृति से रूबरू होते हैं। हमें इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों में हमेशा प्रतिभाग करना चाहिए।
पांडव नृत्य समिति के अध्यक्ष राकेश ममगाईं ने बताया कि 27 वर्षों बाद पांडव नृत्य का आयोजन किया जा रहा है ,उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में प्रत्येक 3 वर्ष बाद इस तरह के सनातनी अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। पांच पांडवों के दर्शन के लिए प्रतिदिन सैकड़ो की तादाद में भक्त आकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। पांडव नृत्य के दसवें दिन प्रधानाचार्य संस्कृत महाविद्यालय विद्यापीठ हर्षवर्धन बेंजवाल , कनिष्ठ प्रमुख शैलेन्द्र कोटवाल, ग्राम प्रधान कविता रावत, भैरव सेना जिला अध्यक्ष अशोक सेमवाल , भगत सिंह कोटवाल, पूर्व प्रधान गुप्तकाशी कमल अग्रवाल, ज्वालामुखी देवी के पाश्र्व राजेंद्र रावत, भगवान भैरवनाथ के पाश्र्व भगत सिंह नेगी, आचार्य उमा नौटियाल, संरक्षक मदन सिंह नेगी, सचिव विपिन लाल मोहरिया, उपाध्यक्ष त्रिलोक सिंह रावत, कोषाध्यक्ष उपेंद्र सिंह कोटवाल, समेत सैकड़ों भक्त व ग्रामीण मौजूद रहे।



