उत्तराखंडगांव

ग्वास – उसनतोली – कार्तिक स्वामी पैदल ट्रैक को विकसित करने की हो कवायद

लक्ष्मण सिंह नेगी।
ऊखीमठ। तल्ला नागपुर की सीमान्त ग्राम पंचायत घिमतोली का ग्वास गाँव धीरे – धीरे पर्यटन गाँव के रूप में विकसित होने लगा है। पर्यटन विभाग द्वारा यदि ग्वास – उसनतोली – कार्तिक स्वामी पैदल ट्रैक को विकसित करने की कवायद की जाती है तो ग्वास गाँव का चहुंमुखी विकास होने के साथ यहाँ पहुंचने वाला पर्यटक उसनतोली बुग्याल के चारों ओर फैली प्रकृति की सुन्दर वादियों से भी रूबरू होगे। अभी तक बैगलोर का आठ सदस्यीय व हरियाणा का दो सदस्यीय दल ग्वास गाँव के प्राकृतिक सौंदर्य के साथ यहाँ की रीति – रिवाजों से भी रूबरू हो चुकें है। तथा भविष्य में अन्य पर्यटकों के भी ग्वास गाँव पहुंचने की सम्भावनाये है। प्रदेश सरकार की पहल पर यदि पर्यटन विभाग द्वारा ग्वास – उसनतोली – कार्तिक स्वामी तथा मालखी – उसनतोली – कार्तिक स्वामी पैदल ट्रैकों को विकसित करने के प्रयास किये जाते हैं तो दोनों क्षेत्रों के स्थानीय युवाओं के सन्मुख स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होने के साथ स्थानीय उत्पादों को भी बढा़वा मिलेगा। बता दे कि तल्ला नागपुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत घिमतोली का ग्वास गाँव कार्तिक स्वामी तीर्थ से निकलनी वाली पतित पावनी सुरगंगा के किनारे बसा है। कार्तिक स्वामी तीर्थ की तलहटी में बसा यह सबसे नजदीक का गाँव है। तथा ग्वास गाँव से कार्तिक तीर्थ की दूरी उसनतोली बुग्याल होते हुए 6 किमी है। ग्वास गाँव को प्रकृति ने अपने वैभवो का भरपूर दुलार दिया है। मार्च महीने के बाद ग्वास गाँव में विभिन्न प्रजाति के प्रवासी पक्षियों का आवागमन शुरू हो जाता है। बरसात के समय गाँव के चारों तरफ का भूभाग हरियाली से आच्छादित होने तथा सुर गंगा की कल – कल निनाद मन को प्रफुल्लित कर देती है। ग्वास गाँव से क्रौंच पर्वत तीर्थ के आंचल में फैले भूभाग में बांज – बुरांस की अपार वन सम्पदा के मध्य जंगली जीव – जन्तु सदाबहार निर्भीक विचरण करते रहते हैं, ग्वास गाँव की ओर धीरे – धीरे प्रवासी परिवारों के रूख करने से गाँव में और अधिक रौनक बढ़ने लगी है। क्षेत्र पंचायत सदस्य घिमतोली अर्जुन सिंह नेगी ने बताया कि यदि ग्वास – उसनतोली – कार्तिक स्वामी पैदल ट्रैक को विकसित किया जाता है तो यहाँ पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। प्रधान बसन्ती नेगी का कहना है कि यदि ग्वास – कार्तिक स्वामी, कोटखाल – कार्तिक स्वामी तथा घिमतोली – नैणी देवी पैदल ट्रैकों को विकसित किया जाता है तो पूरी ग्राम पंचायत के युवाओं के सन्मुख स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होगें। मार्च महीने में बैगलोर के आठ सदस्यीय दल में शामिल श्यामा कृष्णा, दीपक ने बताया कि ग्वास – उसनतोली – कार्तिक स्वामी पैदल ट्रैक बहुत ही आनन्ददायक है। दल में शामिल समृति, शिल्पा ने बताया कि देवभूमि के हर जनमानस के मृदुल व्यवहार के कारण यहाँ बार – बार लौटने की लालसा बनी रहती है। दल में शामिल निकिता, पूर्वी व आशा का कहना है कि मार्च महीने में ग्वास – उसनतोली – कार्तिक स्वामी पैदल ट्रैक करने का अवसर मिला तथा इसी दौरान जीवन में पहली बार फुलारी नौनिहालों से मिलने के बाद ये स्वर्णिम पल हमेशा याद रहेगे।

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