फाटा – बड़ासू पैदल मार्ग की जर्जर स्थिति, ग्रामीणों का शासन प्रशासन पर अनदेखी के आरोप

फाटा – बड़ासू पैदल मार्ग की जर्जर स्थिति, ग्रामीणों का शासन प्रशासन पर अनदेखी के आरोप
फाटा। केदारघाटी में पौराणिक फाटा – बड़ासू पैदल मार्ग की स्थिति वर्तमान में खस्ताहाल बनी हुई है, जिसे लेकर ग्रामीणों ने कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत किया है,परन्तु किसी ने इसका कोई संज्ञान नहीं लिया है। ग्रामीणों ने लोकनिर्माण विभाग एवं राजमार्ग विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जिसके चलते आज पैदल मार्ग जानलेवा बना हुआ है।
ग्रामीणों द्वारा पैदल मार्ग के रख रखाव के लिए लोक निर्माण विभाग सहित शासन स्तर पर इसकी शिकायत दर्ज की। मगर आज तक पैदल मार्ग का रख रखाव न होने से ग्रामीणों एवं जीआईसी फाटा में अध्ययनरत नौनिहालों को जान जोखिम डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। पैदल मार्ग की जर्जर स्थिति होने से बड़ासू गांव की महिलाओं व मवेशियों का जंगलों में आवाजाही करना खतरे से खाली नहीं है।
बता दें रूद्रप्रयाग गौरीकुंड हाइवे चौड़ीकरण निर्माण कार्य के दौरान मलबा पैदल मार्ग पर गिरने से पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया ,जिसमें पैदल मार्ग पर बनी पुलिया की स्थिति भी आवाजाही के लिए कठिन हो गई । बरसात के दौरान नौनिहालों व ग्रामीणों को एक दूसरे का सहारा लेकर गाड़ गड़ेरों को पार करना पड़ रहा है।
रूद्रप्रयाग गौरीकुंड हाईवे निर्माण से पूर्व केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा इन्हीं पैदल मार्गों से संचालित होती थी। तथा केदारनाथ,गौरीकुंड त्रियुगीनारायण तीर्थों में दर्शन करने वाले देश विदेश के तीर्थयात्री फाटा बड़ासू पैदल मार्ग से आवाजाही करते थे। तब से लेकर वर्तमान समय तक पैदल मार्ग के रख रखाव का जिम्मा लोक निर्माण विभाग के पास रहा है। विगत कई वर्षों से रूद्रप्रयाग गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग का मलबा फाटा बड़ासू पैदल मार्ग पर गिरने पैदल मार्ग जर्जर बना हुआ है जिससे जीआईसी फाटा में अध्ययनरत बड़ासू के नौनिहाल, ग्रामीणों गांव की महिलाओं को जंगल में चारा पत्ती लाने के लिए भी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
पैदल मार्ग को मोटर मार्ग बनाने का प्रदेश सरकार ने संज्ञान लिया है पीएमजीएसवाई के तहत फाटा बड़ासू सात किमी मोटर मार्ग की सर्वे की जा चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पूर्व मोटर मार्ग की सर्वे की गई थी, परन्तु विभाग के स्तर से आगे की कोई कार्यवाही नहीं बढ़ पाई है।
बड़ासू निवासी राज्य आंदोलनकारी कुंवर सिंह रावत ने बताया कि पैदल मार्ग के रख रखाव की मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी पत्र लिख चुके हैं। तथा मुख्यमंत्री हेल्प लाइन में शिकायत दर्ज की गई थी। इसके बावजूद भी पैदल मार्ग की सुध नहीं ली गई। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग की अनदेखी से पैदल मार्ग की स्थिति जर्जर बनी हुई है। कई बार विभागीय अधिकारियों के पास गुहार लगाने के बाद भी कोई सुध नहीं ली गई।
लोकनिर्माण विभाग के कर्मचारियों से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया राजमार्ग पर कार्य के दौरान मलबा पत्थर गिरने से मार्ग स्लाइड हो गया था। आवाजाही बंद होने से जिस पर पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों का रख रखाव कार्य करना बंद हो गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ब्लॉक के माध्यम से इन पौराणिक पैदल मार्गों पर कार्य किया जा रहा है।



