ग्रामीणों का डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, देर शाम डीएम से वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त, अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू होगा भरदारी गाड़ पुल का काम

ग्रामीणों का डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, देर शाम डीएम से वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त,
रुद्रप्रयाग। पश्चिम भरदार क्षेत्र में लंबे समय से लंबित भरदारी गाड़ पुल निर्माण की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला मुख्यालय में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। सोमवार सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और पुल निर्माण की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि जब तक पुल निर्माण को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना जारी रहेगा। देखते ही देखते जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और दिनभर पुल निर्माण की मांग को लेकर आवाज बुलंद होती रही।
आंदोलनकारियों का कहना था कि भरदारी गाड़ पुल का निर्माण पश्चिम भरदार क्षेत्र की लंबे समय से लंबित प्रमुख मांग है। पुल के अभाव में क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से पुल निर्माण की मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को निर्माण कार्य शुरू करने की स्पष्ट समयसीमा देनी होगी। इसी मांग को लेकर ग्रामीण सुबह से शाम तक जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर डटे रहे।
धरने में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन को समर्थन दिया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख जखोली प्रदीप थपलियाल, नगर पालिका अध्यक्ष रुद्रप्रयाग संतोष रावत, प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष अजय पुंडीर, यूकेडी नेता अर्जुन कंडारी, आकाश कप्रवान समेत कई जनप्रतिनिधि आंदोलनकारियों के साथ मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पुल निर्माण होने से पश्चिम भरदार क्षेत्र के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
लगातार कई घंटे तक चले धरने के बाद शाम करीब पांच बजे जिलाधिकारी विशाल मिश्रा स्वयं आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे।
उनके साथ संबंधित विभाग के अभियंता भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं और पुल निर्माण से जुड़ी मांग को गंभीरता से सुना। वार्ता के दौरान प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच पुल निर्माण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग पर आवश्यक कार्रवाई तेजी से की जाएगी।
वार्ता के दौरान जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर संबंधित विभाग के माध्यम से पुल निर्माण को लेकर पत्र जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए अक्टूबर के पहले सप्ताह से पुल का काम शुरू कराया जाएगा। जिलाधिकारी के इस आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद सुबह से जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर डटे ग्रामीण और जनप्रतिनिधि अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए।
फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद पश्चिम भरदार की जनता का आंदोलन समाप्त हो गया है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें एक सप्ताह के भीतर जारी होने वाले पत्र और अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू होने वाले प्रस्तावित पुल निर्माण कार्य पर टिकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तय समयसीमा में प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो यह क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।



