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सीमान्त गांवों के भ्रमण पर पहुंचा बैगलोर का आठ सदस्यीय दल, पहाड़ की आध्यात्मिक, सास्कृतिक व पौराणिक परम्पराओं से हुए रूबरू

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। सीमान्त गांवों में पर्यटन व होम स्टे योजना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विगत दिनों केदार घाटी के सीमान्त गांवों में पहुंचा बैंगलोर का आठ सदस्यीय दल भूली बिसरी यादों के साथ सकुशल वापस लौट गया है।
सीमान्त गांवों के भ्रमण के दौरान बैगलोर का आठ सदस्यीय दल पहाड़ की आध्यात्मिक, सास्कृतिक व पौराणिक परम्पराओं के साथ ही फुलारी महोत्सव तथा पहाड़ की रहन – सहन से भी रूबरू हुआ। पंच केदार यात्रा गाँव की ओर के नेतृत्व में आया बैगलोर का आठ सदस्यीय दल पहाड़ी व्यंजनों के साथ ही पहाड़ की संस्कृति से भी रूबरू हुआ तथा सीमान्त गांवों का भ्रमण करने के बाद दल ने कहा कि पहाड़ के पग – पग पर आत्मियता झलकती है। दल में शामिल बैंगलोर निवासी श्याम कृष्णा ने कहा कि तल्ला नागपुर के ग्वास – उसनतोली बुग्याल – कार्तिक स्वामी पैदल ट्रैक बहुत ही खूबसूरत है तथा उसनतोली बुग्याल को प्रकृति ने अपने वैभवो का भरपूर दुलार दिया है इसलिए भविष्य में इस पैदल ट्रैक में पर्यटन की अपार सम्भावनाये है। दल में शामिल दीपक ने कहा कि हिल स्टेशन मोहनखाल बहुत ही खूबसूरत है तथा मोहनखाल – किणझाणी – चन्द्रनगर पैदल ट्रैक विकसित करने से क्यूजा के सीमान्त गांवों में होम स्टे योजना को बढ़ावा मिल सकता है। दल में शामिल स्मृति ने कहा कि पहाड़ का रहन – सहन व यहाँ के लोगों के व्यवहार में आत्मियता झलकती है इसलिए यहाँ बिताने हर पल आजीवन याद रहेगें। दल में शामिल शरत ने कार्तिक स्वामी, सौर भूतनाथ, तृतीय केदार तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ, भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर, सिद्धपीठ कालीमठ, विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी के दर्शन करने के बाद मन को अपार शान्ति मिली है। शिल्पा ने कहा कि पर्यटक स्थल देवरिया ताल व तुंगनाथ घाटी की सुरम्य वादियों से पहली बार रूबरू होने का सौभाग्य मिला। पूर्वी ने कहा कि पहाड़ के पग – पग प्रकृति ने नव नवेली दुल्हन की तरह सजाया व संवारा है इसलिए भ्रमण के दौरान यहाँ परम आनन्द की अनुभूति हुई है। आशा ने कहा कि पहाड़ की सुन्दरता की महिमा का जितना गुणगान करें उतना कम है। निकिता ने कहा कि चन्द्रशिला के ऊंचे शिखर से चौखम्बा सहित हिमालय की पर्वत श्रृंखला दृष्टिगोचर होने से ऐसा लगा की धरती का साक्षात् स्वर्ग इसी माटी में हो। दल का नेतृत्व कर रहे पंच केदार यात्रा गाँव की ओर के संयोजक जगदीश प्रसाद मैठाणी ने बताया कि सीमान्त गांवों में पर्यटन व होम स्टे योजना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस दल का भ्रमण सीमान्त गांवों में करवाया गया था तथा भविष्य में भी सीमान्त गांवों में पर्यटकों सैलानियों व प्रकृति प्रेमियों को सीमान्त गांवों का भ्रमण करवाने की पहल की जायेगी ।

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