केदारघाटी के रामपुर में भालू के हमले के बाद गांव पहुंची तहसील प्रशासन व वन विभाग की टीम, सुरक्षा को लेकर किए जाएंगे पुख्ता इंतजाम

घायल को तत्काल उपचार, क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
केदारघाटी/फाटा। रुद्रप्रयाग जनपद के रामपुर न्यालसू में बीते बुधवार देर सांय गांव निवासी 55 वर्षी मंगल सिंह चौहान उम्र 55 वर्ष पर भालू ने हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही घायल व्यक्ति को ग्रामीणों द्वारा तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फाटा में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार दिया गया। घायल की स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर किया गया है। प्रशासन द्वारा घायल को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला को तत्काल निर्देशित किया कि वन विभाग, पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया जाए तथा क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
एसडीएम ऊखीमठ अनिल शुक्ला, पुलिस एवं वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में वन्यजीव की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है तथा संभावित खतरे को देखते हुए कल क्षेत्र में पिंजरा लगाए जाने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
वहीं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव में भालू को पकड़ने की मांग की, उनके द्वारा कहा गया कि इस प्रकार की घटना की क्षेत्र में पुनरावृत्ति न हो इसको लेकर पुख़्ता इंतजाम किए जाएं।
एसडीएम ऊखीमठ एवं वन विभाग की टीम द्वारा घायल व्यक्ति के परिजनों के आवास पर जाकर उनसे भेंट की गई। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करने तथा घायल को समुचित उपचार एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्रवासियों से भी अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, विशेषकर सुबह एवं सायं के समय अकेले वन क्षेत्रों की ओर न जाएं तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अमित मैंखंडी, ग्राम प्रधान न्यालसू बबीता देवी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य खुशाल सिंह रावत सहित वन विभाग, एवं पुलिस कर्मी व ग्रामीण मौजूद रहे।



