अतिक्रमण को लेकर डीएम से मिले उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी, व्यवसायियों के पुनर्स्थापना के लिए बनाई जाए ठोस नीति

व्यवसायियों के पुनर्स्थापना के लिए बनाई जाए ठोस नीति
अतिक्रमण को लेकर डीएम से मिले उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी
रुद्रप्रयाग। जनपद में व्यापारियों के हटाए गए अतिक्रमण को लेकर शुक्रवार को जिला उद्योग व्यापार मंडल के शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी सौरभ गहरवार से मुलाकात कर सकारात्मक कार्यवाही की मांग की है, साथ ही अतिक्रमण में चिन्हित व्यवसायियों के पुनर्स्थापना के लिए ठोस नीति बनाने की भी मांग की।
जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात कर कहा कि जनपद में विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाली सड़क किनारे व्यापारी पिछली 40 से 50 वर्षों a से व्यावसाय कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। लेकिन वर्तमान में उच्च न्यायालय का हवाला देते हुए उन्हें अतिक्रमण की श्रेणी में मानते हुए चिन्हित कर उनके झोपड़े उजाड़े जा रहे हैं। कहा कि संगठन अतिक्रमण का समर्थन तो नहीं करता है लेकिन प्रदेश के हजारों व्यापारियों को उजाड़ कर उन्हें बेरोजगार कर देने से प्रदेश सरकार की नीतियों पर उंगली उठेगी। कई दशकों से इन व्यापारियों ने स्वरोजगार के माध्यम से अपना परिवार का भरण पोषण तो किया है, साथ ही प्रदेश के पर्यटन व्यवसाय में भी अहम योगदान निभाया है। ऐसे में इन व्यापारियों के लिए प्रदेश सरकार ठोस नीति बनाने और उनकी पुनर्स्थापना स्थापना की व्यवस्था करने की मांग की है।
कहा कि अगस्त्यमुनि में बाईपास का निर्माण पूराकर बाजार में तोड़फोड़ न की जाए। ताकि बाईपास से ही वाहनों का आवागमन हो सके । इसके अलावा सेंचुरी क्षेत्र में वर्षों पूर्व से अपना रोजगार कर रहे व्यापारियों के लिए ठोस नीति बनाकर उनका पुनर्स्थापना किया जाए, यदि शीघ्र मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है। तो उन्हें धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अंकुर खन्ना, जिला महामंत्री चंद्र मोहन सेमवाल, प्रदेश संगठन मंत्री मोहम्मद उस्मान, भूपेंद्र मैठाणी बुद्धि बल्लभ मामंगाई, मदन सिंह रावत, राजेश नेगी, त्रिभुवन नेगी, मासून खान, केशव नौटियाल सहित व्यापारी मौजूद रहे।



