मदमहेश्वर घाटी के जंगलों में लगी भीषण आग, लाखों की वन सम्पदा हुई स्वाहा, जीव – जन्तुओ पर मंडराए संकट के बादल

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। मदमहेश्वर घाटी के जंगल भीषण आग की चपेट मे आने से लाखो की वन सम्पदा स्वाहा हो गई है, वहीं जंगलो मे विचरण करने वाले जीव – जन्तुओ के जीवन पर भी संकट के बादल मंडराने लगे है। यदि समय रहते जंगलो मे लगी आग पर काबू नही पाया गया तो जंगलो मे लगी आग विकराल रूप धारण कर सकती है तथा मदमहेश्वर घाटी के अन्य जंगल भी भीषण आग की चपेट मे आ सकते है। जंगलो मे लगी भीषण आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग की टीम सोमवार सुबह ही घटना स्थल के लिए रवाना हो गयी है तथा समाचार लिखे जाने तक वन विभाग द्वारा आग पर काबू पाने के प्रयास किये जा रहे है।
मदमहेश्वर घाटी से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह मदमहेश्वर घाटी के जंगल अचानक भीषण आग की चपेट मे आ गये। जंगलो में भीषण आग लगने से लाखो की वन सम्पदा स्वाहा हो गई साथ ही जंगलो मे निर्भीक विचरण करने वाले अनेक प्रजाति के जीव – जन्तुओ का जीवन भी संकट मे पड़ गया है। वन विभाग द्वारा जंगलो मे लगी आग पर काबू पाने के प्रयास किये तो जा रहे है मगर बीहड चट्टानो के मध्य आग लगने से आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। जानकारी देते हुए ग्रामीण आर के पहाड़ी ने बताया कि सोमवार सुबह अचानक मदमहेश्वर घाटी के जंगल भीषण आग की चपेट मे आ गये है। उनका कहना है कि प्रति वर्ष कई हेक्टेयर जंगलो का भूभाग भीषण आग की चपेट मे आने से लाखो की वन सम्पदा स्वाहा हो जाती है, साथ ही पर्यावरण को खासा नुकसान भी हो रहा है इसलिए वन विभाग को जंगलो मे आग लगाने वालो के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। रेज अधिकारी धीर सिह ने बताया कि जंगल मे लगी आग पर काबू पाने के लिए 6 सदस्यीय दल घटनास्थल पहुंच चुका है तथा जंगलो मे लगी आग पर काबू पाने के प्रयास किये जा रहे है।



