
भीषण आग की चपेट में आये केदारघाटी के जंगल, लाखों की वन सम्पदा हुई स्वाहा, वन्य जीव – जन्तुओं के जीवन पर भी मंडराए संकट के बादल
रूद्रप्रयाग/फाटा। केदारघाटी के रामपुर न्यालसू गांव के समीप स्थित केदारनाथ वन्य जीव अभ्यारण के कालीमठ बीट क्षेत्र के जंगल भीषण आग की चपेट में आ गये है। जंगलों में भीषण आग लगने से लाखों की वन सम्पदा स्वाहा हो गयी है तथा वन्य जीव – जन्तुओं के जीवन पर भी संकट के बादल मड़राने लगे हैं। यदि समय पर जंगलों में लगी भीषण आग पर काबू नहीं पाया गया तो आग विकराल रूप धारण कर सकती है जिससे पहाड़ी पर लगी आग सुरम्य मखमली बुग्यालों तक पहुँच सकती है। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग द्वारा जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिये गये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार न्यालसू रामपुर के सामने स्थित पहाड़ी के जंगल गुरुवार से भीषण आग की चपेट में आ गये हैं। केदारनाथ वन्य जीव अभ्यारण के कालीमठ बीट के जंगलों में भीषण आग लगने से लाखों की वन सम्पदा स्वाहा हो गयी है तथा जंगलों में जीवनयापन करने वाले अनेक प्रजाति के जीव जन्तुओं के जीवन पर संकट के बादल मड़राने लगे है।
जनवरी माह में जंगलों के भीषण आग की चपेट में आने का मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के अनुकूल बर्फबारी न होना माना जा रहा है, क्योंकि जनवरी माह में बर्फबारी से आच्छादित रहने वाला भूभाग बर्फ विहीन होने से जंगलों में लगी आग भीषण रूप धारण कर चुकी है। न्यालसू रामपुर के समीप स्थित पहाड़ी के जंगलों में लगी भीषण आग पर यदि समय रहते काबू नहीं पाया गया तो भीषण आग सुरम्य मखमली बुग्यालों में पहुंच सकती है।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग कालीमठ बीट के अनुभाग गौर सिंह करणी ने बताया कि न्यालसू रामपुर के सामने स्थित कालीमठ बीट के जंगलों में लगी भीषण आग पर काबू पाने के लिए शुक्रवार सुबह से ही चार सदस्यीय दल तैनात किया गया है तथा वन कर्मियों द्वारा अधिकांश हिस्सों में लगी आग पर काबू पा लिया गया है मगर एक तरफ चट्टानी इलाका होने के कारण आग पर काबू पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।



