
लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। गुप्तकाशी – कालीमठ – चौमासी मोटर मार्ग बीते बरसात में जगह – जगह भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। गुप्तकाशी – चौमासी मोटर मार्ग का आज तक ट्रीटमेंट न होने से मोटर मार्ग पर सफर करना जानलेवा बना हुआ है। मोटर मार्ग के रख – रखाव का जिम्मा सम्भाले लोक निर्माण विभाग द्वारा आपदा से क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग के ट्रीटमेंट के लिए लाखों रुपये का आकणन शासन को भेजा तो गया था मगर शासन से स्वीकृति न मिलने के कारण आपदा से क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग के ट्रीटमेंट का कार्य अधर में लटका हुआ है। बता दे कि, बीते बरसात में मन्दाकिनी व सरस्वती नदियों के कटाव से गुप्तकाशी – कालीमठ – चौमासी मोटर मार्ग दो स्थानों पर भूस्खलन के कारण अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो गया था मगर लम्बा समय व्यतीत होने के बाद भी मोटर मार्ग का ट्रीटमेंट न होने से मोटर मार्ग जगह – जगह क्षतिग्रस्त होने से राहगीरों को जान – जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। कालीमठ घाटी के ग्रामीणों का कहना है कि मोटर मार्ग कई स्थानों पर जानलेवा होने से कालीमठ घाटी के ग्रामीणों को जान हथेली पर रखकर सफर करना पड़ रहा है।
प्रधान कविल्ठा अरविन्द राणा ने बताया कि बरसात के समय कुणजठी तल्ली के निकट मोटर मार्ग का बहुत बड़ा हिस्सा भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था मगर लम्बा समय बीत जाने के बाद भी मोटर मार्ग का ट्रीटमेंट न होने से मोटर मार्ग का सफर करना जोखिम भरा है। प्रधान ब्यूखी सुदर्शन राणा ने बताया कि विद्यापीठ सहित कई स्थानों पर मोटर मार्ग की स्थिति जर्जर बनी हुई है।
प्रधान कोटमा आशा सती का कहना है कि मोटर मार्ग कई स्थानों पर जानलेवा बना हुआ है तथा मोटर मार्ग पर सफर करना चुनौती भरा है। प्रधान जाल मल्ला त्रिलोक रावत का कहना है कि यदि समय पर आपदा से क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग का ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो कालीमठ घाटी के जनमानस व जनप्रतिनिधियों को लोक निर्माण विभाग व प्रदेश सरकार के खिलाफ आन्दोलन के लिए बाध्य होना पडे़गा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन – प्रशासन व सम्बंधित विभाग की होगी। वही दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आपदा से क्षतिग्रस्त मोटर का आकणन शासन को भेजा गया है स्वीकृति मिलने पर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू किये जायेंगे ।



