
कुंड – गुप्तकाशी हाईवे पर चौड़ीकरण के नाम पर हो रही खाना पूर्ति, स्थानीय जनता ने निर्माण कार्य पर उठाए सवाल,
99 करोड़ की लागत से हो रहा कुंड से गुप्तकाशी 8 किमी मार्ग का ट्रीटमेंट,
गुप्तकाशी। केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुंड-गुप्तकाशी के बीच सड़क के पुनर्निर्माण के साथ ही अब स्थानीय लोगों के विरोध के स्वर भी मुखर होने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मानकों के विपरित कार्य करने का आरोप राजमार्ग विभाग और संबंधित कंपनी पर लगाया है।
दरअसल, केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुंड से गुप्तकाशी 8 किमी की हालत वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद से खस्ताहाल बनी हुई है। हर वर्ष यात्रा सीजन के दौरान इस क्षेत्र में चार से पांच घंटे जाम लगने का सिलसिला बना रहता है, जिस से देश-विदेश से केदारनाथ धाम की यात्रा पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं के साथ ही केदारघाटी की जनता भी इस जाम से परेशान रहती है। देर सवेर केन्द्र सरकार ने कुंड-गुप्तकाशी राजमार्ग की सुध ली और इस वर्ष मार्च माह में 99 करोड़ का बजट स्वीकृत होने के बाद कार्य शुरू हुआ।
इन दिनों रात के समय 10 बजे से सुबह की 5 बजे तक राजमार्ग पर चौड़ीकरण से लेकर अन्य कार्य हो रहे हैं, मगर स्थानीय लोगों ने राजमार्ग पर किये जा रहे निर्माण कार्यो पर सवाल खड़े कर दिये हैं। उनका कहना है कि राजमार्ग पर कार्य कर रही कार्यदाई संस्था और एनएच विभाग के अभियंताओं की मिलीभगत से करोड़ों के बजट को ठिकाने लगाने का काम हो रहा है। राजमार्ग पर घटिया निर्माण कार्य होने से स्थानीय जनता में आक्रोश बना हुआ है। जिला पंचायत सदस्य गणेश तिवारी ने कहा कि कार्यदाई संस्था की कार्यशैली के विरोध में कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत किया गया लेकिन हमेशा कुंड गुप्तकाशी राजमार्ग की अनदेखी होती रही। कनिष्क प्रमुख ब्लॉक ऊखीमठ शैलेंद्र कोटवाल ने कहा कि कार्यदाई संस्था सिर्फ खानापूर्ति कर रही है, कुंड गुप्तकाशी सड़क सुधारीकरण व सैमी भैंसरी के ट्रीटमेंट कार्य हेतु इतनी बड़ी राशि स्वीकृत हुई है, जिस पर राजमार्ग विभाग की घोर लापरवाही नजर आ रही है।
व्यापार संघ अध्यक्ष गुप्तकाशी मदन सिंह रावत ने कहा कि कुंड-गुप्तकाशी राजमार्ग पर जगह-जगह फीता से नापने पर कार्य की असल सच्चाई सामने आई। राजमार्ग की चौड़ाई जितनी रखी जानी चाहिए थी, वह नहीं है। कई जगहों पर राजमार्ग अभी भी संकरा है, जहां पर सही से कार्य नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 99 करोड़ का बजट स्वीकृत होने के बाद सिर्फ इसे ठिकाने लगाने का कार्य किया जा रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर ही कटिंग का कार्य किया जा रहा है। कहा कि जिस स्थान पर अधिक संवेदनशील जोन है, वहां पर कटिंग ना करके अन्य स्थानों पर जबरदस्ती कटिंग की जा रही है। मामले में एनएच के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने बताया कि राजमार्ग को डीपीआर के आधार पर यथावत ही रखा जा रहा है। मार्ग पर जल निकासी हेतु नाली, कुछ स्थानों पर पहाड़ों की कटिंग, सेमी तथा भैंसारी गांव के नीचे पांच स्थानों पर सुरक्षा दीवार सहित अन्य कार्य किया जाना है। निर्माण कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। आगामी यात्रा काल से पहले राजमार्ग पर निर्माण कार्य पूर्ण हो जायेगा।



