ऑनलाईन पंजीकरण की अनिवार्यता एवं यात्रियों की सीमित संख्या को लेकर श्रीकेदारधाम होटल एशोसिएशन का विरोध प्रदर्शन

ऑनलाईन पंजीकरण की अनिवार्यता एवं यात्रियों की सीमित संख्या को लेकर श्रीकेदारधाम होटल एशोसिएशन का विरोध प्रदर्शन।
रुद्रप्रयाग/फाटा। चारधाम यात्रा में दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा हेतु रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता एवं यात्रियों की सीमित संख्या को लेकर श्री केदारधाम होटल ऑनर्स एसोसिएशन के द्वारा केदारघाटी के सीतापुर में विरोध प्रदर्शन किया गया।
बता दें कि, शनिवार को केदारघाटी के सभी होटल व्यवसायी होटल एशोसिएशन अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी के नेतृत्व में प्रातः 11 बजे सीतापुर बाजार में एकत्र हुए। बाजार में एकत्र होकर होटल व्यवसायियों ने सरकार द्वारा चारधाम यात्रा में रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता एवं यात्रियों की सीमित संख्या को लेकर अपना विरोध प्रकट कर सरकार के खिलाफ जुलूस प्रदर्शन कर अपना विरोध प्रकट किया।
व्यपारियों ने बताया कि सरकार के द्वारा रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता एवं यात्रियों की सीमित संख्या की है, जिसका असर होटलों की बुकिंग पर पड़ने लगा है, बुकिंग कैंसिल होने लगी हैं। श्री केदारधाम होटल एसोसिएशन अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी ने बताया कि भक्तों को भगवान के दर्शन करने से न रोका जाय, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता का होटल एशोसिएशन पूर्ण विरोध करता है,तथा पूर्व की भांति ऑफ़लाइन रजिस्ट्रेशन यथावत रखा जाय। हम सभी इसका विरोध करते हैं।
होटल एसोसिएशन सचिव नितिन जमलोकी ने बताया कि विगत वर्ष भी ऑनलाइन की अनिवार्यता की गई थी जिसका बुरा असर चारधाम यात्रा पर पड़ा, साथ ही होटल व्यवसायियों की सम्मुख रोजगार का संकट उत्तपन्न होने लगा। सभी के रोजगार को देखते हुए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता एवं सीमित संख्या समाप्त की जाय।
व्यपार संघ अध्यक्ष सोनप्रयाग अंकित गैरोला ने कहा कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का असर छोटे होटल व्यवसायियों पर पड़ता है जिस से उनके होटल खाली रह जाते हैं। क्यों कि बड़े होटलों में बुकिंग होती है जिनमे तीर्थ यात्री रजिस्ट्रेशन करके पहुंचते हैं, हमारा शासन प्रशासन से अनुरोध है, की छोटे व्यापारियों के व्यवसाय को देखते हुए ऑनलाइन की अनिवार्यता को समाप्त किया जाय। सभी व्यपारियों के द्वारा अंत मे प्रदर्शन कर सीतापुर पार्किंग बाईपास पर सरकार का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज किया गया। व्यवसायियों ने बताया कि उनकी मांगों पर सरकार द्वारा जल्द ही कोई निर्णय नही लिया जाएगा तो उन्हें जन आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
इस अवसर, होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रमोद नौटियाल, अशोक कुनियाल, विनोद गोस्वामी, धर्मेश नौटियाल, अशोक सेमवाल, किशन सिंह रावत, जितेंद्र सेमवाल सहित बड़ी संख्या में होटल व्यवसायी मौजूद रहे।



