हेली ऑफलाइन टिकट काउंटर उपलब्ध कराने और बुजुर्ग-दिव्यांग यात्रियों को प्राथमिकता देने की उठी मांग

हेली टिकट के लिए ऑनलाइन व्यवस्था बनी बुजुर्ग यात्रियों की परेशानी, बिना दर्शन लौट रहे यात्री
स्थानीय नागरिकों को मिले प्राथमिकता।।
फाटा(रूद्रप्रयाग)। मानसून के थमने के बाद केदारनाथ धाम की द्वितीय चरण की यात्रा ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। पैदल यात्रा के साथ ही हेली सेवाओं के माध्यम से भी श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। हालांकि हेली टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग पर अधिक निर्भरता और ऑफलाइन टिकट काउंटर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बुजुर्ग एवं अन्य जरूरतमंद यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्री टिकट नहीं मिलने के कारण केदारनाथ धाम के दर्शन किए बिना ही वापस लौटने को मजबूर हैं।
केदारनाथ यात्रा में शेरसी, फाटा और गुप्तकाशी सेक्टर से करीब आठ हेली सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में अधिकांश यात्री ऑनलाइन माध्यम से हेली टिकटों की बुकिंग कर यात्रा कर रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया में कई बुजुर्ग यात्री सहज नहीं हैं। वहीं, ऑफलाइन काउंटर पर टिकट उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार हेली सेवाओं के संचालन से पूर्व यूकाडा की ओर से द्वितीय चरण की यात्रा में ऑफलाइन टिकट उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, लेकिन धरातल पर इसकी पर्याप्त व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। इससे स्थानीय नागरिकों और दूर-दराज से आने वाले बुजुर्ग यात्रियों में नाराजगी है।
गुजरात निवासी यात्री जयंत जगदीश भाई ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन हेली टिकट बुक किया था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण उनका टिकट निरस्त कर दिया गया। उन्होंने हेली कंपनी को अपनी पत्नी के पैरों में परेशानी होने की जानकारी भी दी थी, बावजूद इसके टिकट निरस्त कर दिया गया। उनका कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में बुजुर्ग और अस्वस्थ यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए।
होटल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी ने आरोप लगाया कि हेली सेवाओं में ऑफलाइन टिकट की उपलब्धता को लेकर लंबे समय से स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑफलाइन काउंटर पर टिकट आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती, जबकि यात्री अधिक राशि खर्च कर हवाई सेवा लेने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हेली ऑपरेटर्स हमेशा बैकलॉग का हवाला देकर पल्ला झाड़ देते हैं। उन्होंने हेली टिकट वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजाराम सेमवाल ने कहा कि स्थानीय नागरिकों को हेली सेवा का लाभ लेने में प्राथमिकता नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि हेली सेवाएं केदारघाटी से आय अर्जित कर रही हैं, ऐसे में स्थानीय नागरिकों के लिए भी उचित व्यवस्था और प्राथमिकता निर्धारित की जानी चाहिए।
इस संबंध में हेली सेवा प्रदाता कंपनियों से संपर्क किया गया। ट्रांस भारत और थंबी हेली एविएशन की ओर से बताया गया कि टिकट उपलब्ध होने की स्थिति में स्थानीय लोगों को केदारनाथ धाम भेजा जा रहा है। वहीं, अन्य कंपनियों के बेस मैनेजरों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने शासन-प्रशासन से ऑनलाइन बुकिंग के साथ ऑफलाइन टिकट काउंटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने, बुजुर्ग एवं दिव्यांग यात्रियों को प्राथमिकता देने तथा टिकट वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी और यात्रा व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।



