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पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण को लेकर आंदोलन 11वें दिन भी जारी, मातृशक्ति ने मुख्य बाजार में जोरदार प्रदर्शन कर जताया आक्रोश

लक्ष्मण सिंह नेगी।

आर्यन छात्र संगठन विद्यापीठ, उक्रांद समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन ।

ऊखीमठ। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को लेकर तहसील परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना 11वें दिन भी जारी रहा। स्वास्थ्य केन्द्र के उच्चीकरण की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेने लगी है। गुरुवार को मातृशक्ति ने मुख्य बाजार में जोरदार प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन के प्रति अपने आक्रोश का इजहार किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली और क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग की अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र उच्चीकरण का शासनादेश जारी करने की मांग की।
मातृशक्ति के प्रदर्शन से मुख्य बाजार में कुछ समय के लिए माहौल आंदोलनमय हो गया। महिलाओं ने कहा कि ऊखीमठ क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से विषम परिस्थितियों वाला क्षेत्र है, जहां ग्रामीणों को गंभीर बीमारी अथवा आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उच्चीकरण होने से क्षेत्र की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकता को लेकर आंदोलनकारियों को लगातार धरने पर बैठने के लिए विवश होना चिंता का विषय है।
तहसील परिसर में आयोजित धरना स्थल पर विभिन्न सामाजिक एवं छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। आर्यन छात्र संगठन विद्यापीठ, उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि ऊखीमठ क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना जनहित से जुड़ा गंभीर विषय है। संगठनों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन में सहयोग देने की बात कही।
धरना स्थल पर संघर्ष समिति अध्यक्ष राजीव भट्ट, उक्रांद नेता आशुतोष भण्डारी ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के उच्चीकरण की मांग क्षेत्र की वर्षों पुरानी आवश्यकता है। पूर्व में जनप्रतिनिधियों एवं शासन स्तर से मिले आश्वासनों के बावजूद मांग का स्थायी समाधान न होने से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब आंदोलन को केवल आश्वासन से समाप्त नहीं किया जाएगा। शासनादेश जारी होने के बाद ही आंदोलनकारियों को संतोष होगा।
डा0 राकेश भट्ट, सभासद प्रदीप धर्म्वाण, सरला रावत ने कहा कि ऊखीमठ तहसील सहित आसपास के दुर्गम गांवों की स्वास्थ्य सेवाएं लंबे समय से पर्याप्त संसाधनों की कमी से जूझ रही हैं। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अन्यत्र रेफर करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। ऐसे में पीएचसी का उच्चीकरण क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
धरना स्थल पर मातृशक्ति समेत आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि स्वास्थ्य केन्द्र के उच्चीकरण का शासनादेश जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर विनोद सिंह कुंवर, दिलवर सिंह बर्त्वाल, दलवीर सिंह रावत, दीवान सिंह बर्त्वाल, बलवन्त रावत, महेन्द्र सिंह रावत, बलवीर धर्म्वाण, प्रमोद नेगी, अधिवक्ता वीरेन्द्र गोस्वामी, आनन्द सिंह बजवाल, कर्मवीर बर्त्वाल, साक्षी नेगी, कंचन बर्त्वाल, बबीता बर्त्वाल, मोनिका शैव, आंचल बर्त्वाल, गुड्डी देवी, रजनी देवी, प्रकाश सिंह, रश्मि रावण , रवीना रावत, कल्पेश्वरी देवी, आशीष सिंह, बचन सिंह रावत, शंकर सिंह रावत, राजकिशोर त्रिवेदी, कलम सिंह चौहान सहित भारी संख्या में आन्दोलनकारी व मातृशक्ति मौजूद रहे।

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