
तिलवाड़ा एनएच कटिंग पर उठे सवाल, पांच माह से नहीं पूरा हुआ दस दिन का काम,
पत्थरों को क्रशर तक पहुंचाकर मुनाफा कमाने का आरोप,
जिलाधिकारी ने एनएच व एसडीएम को किया तलब,
रुद्रप्रयाग। तिलवाड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की ओर से कराए जा रहे कटिंग एवं मलबा शिफ्टिंग कार्य को लेकर स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कार्य में अनियमितता, मलबे के निर्धारित डंपिंग जोन के बजाय नदी में डाले जाने तथा पत्थरों को अन्यत्र क्रशर तक पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने एनएच के अधिशासी अभियंता और उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को बैठक के लिए तलब किया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, तिलवाड़ा में कटिंग का कार्य एनएच की ओर से एसआर मेगा कंपनी को आवंटित किया गया था। आरोप है कि कंपनी ने कार्य पेटी ठेके पर कॉन्ट्रैक्टर पंकज पोखरियाल को सौंपा। कटिंग एवं मलबा हटाने का कार्य लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो पाया है। इससे कटिंग क्षेत्र के आसपास कारोबार करने वाले व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों का आरोप है कि कार्य को निर्धारित समय में पूरा करने के बजाय कटिंग से निकलने वाले पत्थरों को तिलवाड़ा से करीब 30 किलोमीटर दूर छांतीखाल स्थित क्रशर तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं, शेष मलबे को अगस्त्यमुनि थाना क्षेत्र के समीप स्वीकृत डंपिंग जोन में डालने के बजाय रामपुर के पास नदी में डाले जाने का आरोप है। स्थानीय लोगों ने इसे पर्यावरणीय एवं निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन बताया है।
व्यापारियों का कहना है कि जिस कार्य को सीमित अवधि में पूरा किया जाना था, वह करीब पांच माह से लंबित है। कटिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने और मार्ग निर्देशन के लिए मौके पर पर्याप्त कर्मचारी तैनात नहीं किए गए हैं, जिससे पत्थर गिरने अथवा अन्य दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय व्यापारियों ने तहसील प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मामले में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा द्वारा एनएच के अधिशासी अभियंता और उप जिलाधिकारी को तलब किए जाने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर जांच और कार्रवाई की उम्मीद जगी है। बैठक में कार्य की प्रगति, मलबा निस्तारण, सुरक्षा व्यवस्था और लगाए गए आरोपों पर स्थिति स्पष्ट होने की संभावना



