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मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण हेतु वैज्ञानिक शोध प्रारंम्भ

 

रुद्रप्रयाग वन प्रभाग में मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण हेतु वैज्ञानिक शोध प्रारंम्भ

रुद्रप्रयाग।  वन प्रभाग में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण एवं प्रभावी न्यूनीकरण के उद्देश्य से वैज्ञानिक शोध कार्य प्रारंभ किया गया है। उप वन संरक्षक विनीत कुमार के दिशा-निर्देशन में *Salim Ali Centre for Ornithology and Natural History (SACON)* के वैज्ञानिकों एवं रिसर्च फेलो की छह सदस्यीय टीम द्वारा यह अध्ययन किया जा रहा है। टीम का नेतृत्व *डॉ. शेखोम इनोओतोम्बी* कर रहे हैं।

शोध के अंतर्गत हिमालयी भालू, गुलदार, जंगली सुअर, बंदर एवं लंगूर से संबंधित मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। शोध टीम ने अध्ययन की शुरुआत दक्षिणी जखोली रेंज के हिमालयी भालू के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों, उच्छना, पालाकुराली एवं त्यूंखर आदि गांव से की है।

टीम द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के पीछे प्राकृतिक एवं मानवीय कारणों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत वन्यजीवों के लिए भोजन की उपलब्धता, मौसम एवं आवासीय परिस्थितियां, शिकार की उपलब्धता, मानवीय गतिविधियों तथा स्थानीय समुदाय के अनुभवों सहित विभिन्न पहलुओं से संबंधित जानकारी एकत्रित की जा रही है।

यह शोध कार्य रुद्रप्रयाग वन प्रभाग की सभी रेंजों में किया जाएगा। अध्ययन के आधार पर प्राप्त निष्कर्षों एवं सुझावों को संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष के न्यूनीकरण के लिए क्षेत्र-विशिष्ट एवं प्रभावी रणनीतियां विकसित करने में सहायता मिलेगी।

उप वन संरक्षक विनीत कुमार ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की बदलती परिस्थितियों को समझने और उसके प्रभावी समाधान के लिए वैज्ञानिक अध्ययन एवं निरंतर निगरानी आवश्यक है। इस अध्ययन से संघर्ष के प्रमुख कारणों की बेहतर समझ विकसित होगी तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी संरक्षण एवं संघर्ष न्यूनीकरण उपायों को लागू करने में सहायता मिलेगी।

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