
लक्ष्मण सिंह नेगी
कालीमठ की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को भजनों के जरिए जीवंत रखने वाली पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य ने क्षेत्रीय मुद्दों को बनाया आधार
ऊखीमठ। कालीमठ घाटी की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को अपने भजनों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने वाली पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सोमेश्वरी भट्ट ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा से अपनी दावेदारी पेश कर क्षेत्र की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने संकेत दिया है कि यदि पार्टी संगठन ने उनकी दावेदारी को गंभीरता से नहीं लिया तो वह समर्थकों और क्षेत्र की जनता से विचार-विमर्श के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।
सोमेश्वरी भट्ट लंबे समय से कालीमठ घाटी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी रही हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में जनप्रतिनिधित्व करने के साथ ही वह ग्रामीण समस्याओं और सामाजिक सरोकारों को लेकर भी सक्रिय रही हैं। देवी-देवताओं की महिमा और कालीमठ घाटी की पौराणिक परंपराओं से जुड़े उनके धार्मिक भजनों को उनकी सार्वजनिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
उन्होंने कहा कि कालीमठ घाटी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत केवल आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सामाजिक पहचान और लोक संस्कृति का आधार भी है। इस विरासत के संरक्षण के साथ ही इसे पर्यटन और स्थानीय आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता है।
सोमेश्वरी भट्ट ने सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, संचार, पर्यटन और तीर्थाटन को क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों में शामिल बताया। उनका कहना है कि धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं के बावजूद स्थानीय युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं बन पाए हैं। यदि उन्हें राजनीतिक मंच मिलता है तो वह क्षेत्र की प्राकृतिक एवं धार्मिक विरासत को संरक्षित रखते हुए तीर्थाटन और पर्यटन को स्थानीय रोजगार से जोड़ने का प्रयास करेंगी।
उन्होंने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को भी अपनी दावेदारी का प्रमुख आधार बताया। उनका कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों के विकास और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उन्हें अपेक्षित अवसर नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में वह ग्रामीण महिलाओं और क्षेत्र की जनता की आवाज को राजनीतिक मंच पर मजबूती से उठाना चाहती हैं।
विगत वर्ष हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ चुकीं सोमेश्वरी भट्ट ने भाजपा संगठन से अपनी दावेदारी पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि टिकट वितरण में संगठन के प्रति निष्ठा, जमीनी सक्रियता, महिलाओं की भागीदारी और क्षेत्रीय भावनाओं को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा से टिकट मिलने पर वह पार्टी अनुशासन और संगठन की नीतियों के अनुरूप चुनाव लड़ेंगी। वहीं, यदि उनकी दावेदारी की अनदेखी होती है तो वह अपने समर्थकों और जनता से चर्चा के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय ले सकती हैं।
सोमेश्वरी भट्ट की दावेदारी सामने आने के बाद कालीमठ घाटी और गुप्तकाशी क्षेत्र की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब निगाहें भाजपा संगठन के आगामी प्रत्याशी चयन और इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी उनकी दावेदारी को कितना महत्व देती है। टिकट न मिलने की स्थिति में उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय क्षेत्र के चुनावी समीकरणों को कितना प्रभावित करता है, यह आने वाला समय बताएगा।



