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गौवंश पर सितम के खिलाफ अभियान, दूध बंद हुआ तो सड़क पर छोड़ दिया , राजमार्ग और लिंक मार्गों से 25 गौवंश रेस्क्यू, पपड़ासू गौशाला में संरक्षण,

रूद्रप्रयाग। सड़कों पर बढ़ती निराश्रित गौवंश की समस्या और इससे लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों के खतरे को देखते हुए गौ रक्षा विभाग ने अभियान तेज कर दिया है।

पशुपालन विभाग के सहयोग से चलाए जा रहे अभियान में राजमार्गों, लिंक मार्गों और आबादी वाले क्षेत्रों से अब तक करीब 25 निराश्रित गौवंश को रेस्क्यू कर सुरक्षित रूप से पपड़ासू स्थित गौशाला पहुंचाया जा चुका है। विभाग ने साफ किया कि सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंश को सुरक्षित ठिकाना देने का अभियान लगातार जारी रहेगा।

रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र के साथ ही सुमाड़ी, अगस्त्यमुनि और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर बड़ी संख्या में निराश्रित गौवंश घूम रहा है। कई स्थानों पर गौवंश सड़क के बीचोंबीच बैठा दिखाई देता है, जबकि वाहनों के अचानक सामने आने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण है। गौवंश के अचानक वाहन के सामने आने अथवा पीछे दौड़ने से चालक के नियंत्रण खोने की आशंका बनी रहती है।

निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए पपड़ासू में 120 गौवंश की क्षमता वाली गौशाला तैयार की गई है। रेस्क्यू किए जा रहे गौवंश को यहां सुरक्षित रखने के साथ उनके संरक्षण और संवर्द्धन की व्यवस्था की जा रही है। गौ रक्षा विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीमें ऐसे स्थानों को चिह्नित कर रही हैं, जहां सड़क पर निराश्रित गौवंश की संख्या अधिक है। अगस्त्यमुनि क्षेत्र में नगर पंचायत के सफाई कर्मियों के सहयोग से भी राजमार्ग पर घूम रहे गौवंश को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल गौवंश को सड़क से हटाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराने के साथ सड़क दुर्घटनाओं के खतरे को कम करना भी है।

हरियाली के समीप उत्पात मचा रहे गौवंश का रेस्क्यू,
रूद्रप्रयाग।
सुमाड़ी-सौंराखाल मोटर मार्ग पर हरियाली के समीप एक निराश्रित गौवंश के उत्पात मचाने और राहगीरों के लिए परेशानी खड़ी करने की सूचना पर गौ रक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पशुपालन विभाग के सहयोग से गौवंश को सुरक्षित पकड़ा गया और गौशाला भेज दिया गया। इसके अलावा सुमाड़ी क्षेत्र से भी अन्य निराश्रित गौवंश को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इस दौरान फार्मासिस्ट इंद्रजीत, गौ रक्षा विभाग के अध्यक्ष रोहित डिमरी, भीमराज, अंकित राणा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

सड़क और जंगल में गौवंश छोड़ना अमानवीय : रोहित डिमरी,

रूद्रप्रयाग। गौ रक्षा विभाग के अध्यक्ष रोहित डिमरी ने कहा कि दूध देना बंद करने अथवा उपयोगी न रहने पर गौवंश को सड़कों पर लावारिस छोड़ देना बेहद गंभीर और अमानवीय कृत्य है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने गौवंश को जंगलों में भी छोड़ रहे हैं, जिससे वे जंगली जानवरों का शिकार बनने के साथ ही मानव बस्तियों और सड़कों तक पहुंचकर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गौवंश को सड़कों अथवा जंगलों में लावारिस छोड़ने वालों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ प्रभावी और कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। जिम्मेदारी तय किए बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। रोहित डिमरी ने कहा कि गौ रक्षा विभाग, पशुपालन विभाग और स्थानीय निकायों के सहयोग से अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा। राजमार्गों और संपर्क मार्गों पर घूम रहे निराश्रित गौवंश को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि गौवंश की जान भी बचे और सड़क हादसों का खतरा भी कम हो।

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