राजकीय जूनियर हाई स्कूल तोषी शिक्षक विहीन, ग्रामीणों की स्थाई शिक्षक नियुक्ति की मांग

राजकीय जूनियर हाई स्कूल तोषी शिक्षक विहीन, ग्रामीणों की स्थाई शिक्षक नियुक्ति की मांग
फाटा (रूद्रप्रयाग)। विकासखंड ऊखीमठ के सीमान्त ग्राम पंचायत तोषी में स्थित राजकीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षा में विकास के लाख दावों की हकीकत बयां कर रही है। यह विद्यालय कुछ समय से नियमित शिक्षकों के अभाव से जूझ रहा है, जिससे यहां अध्ययनरत छ छात्रों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। विद्यालय में तैनात शिक्षक के सेवानिवृत्त होने के बाद से विद्यालय में नियमित शिक्षक की तैनाती नहीं की गई। विद्यालय करीब तीन माह से अधिक समय से शिक्षक विहीन बना हुआ है। वहीं औपचारिकता पूर्ण करने हेतु गांव के प्राथमिक विद्यालय के एक शिक्षक को जूनियर हाई स्कूल का प्रभार सौंप दिया गया है। जबकि एक ही शिक्षक को दो विद्यालयों की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है, जिससे दोनों विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस व्यवस्था से छात्रों को नियमित कक्षाएं नहीं मिल पा रही हैं और पाठ्यक्रम भी समय पर पूरा नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा पहले से ही अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में यदि विद्यालय शिक्षक विहीन रहेंगे तो अभिभावकों का सरकारी विद्यालयों से विश्वास उठना स्वाभाविक है। उनका कहना है कि सरकार व शिक्षा निदेशालय नई शिक्षा नीति और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की बात करती है, लेकिन दूरस्थ गांवों के विद्यालयों की वास्तविक स्थिति इन दावों पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। ग्रामीण गीताराम सेमवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय में मात्र छ छात्र अध्ययनरत हैं, लेकिन उनका भविष्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना किसी बड़े विद्यालय के विद्यार्थियों का। शिक्षक के अभाव में बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। उन्होंने शिक्षा विभाग से शीघ्र नियमित शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।
ग्राम प्रधान तोषी दीपेंद्र सिंह रावत ने बताया कि विद्यालय में शिक्षक न होने की सूचना शिक्षा विभाग को दे दी गई है, विभाग द्वारा सिर्फ आशान्वित कर औपचारिकता पूर्ण की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को अंतिम छोर पर बसे गांवों के विद्यालयों की स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए। केवल योजनाओं और घोषणाओं से शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, बल्कि प्रत्येक विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक, संसाधन और नियमित शैक्षणिक गतिविधियां सुनिश्चित करनी होंगी।
वहीं दूसरी ओर जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक अजय कुमार चौधरी का कहना है कि विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक के सेवानिवृत्त होने के बाद विद्यालय में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। उन्होंने ने बताया कि वर्तमान में बेसिक शिक्षकों की पदोन्नति पर रोक लगी हुई है जिस कारण जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। जल्द की शिक्षकों की नियुक्ति होने पर विद्यालय में शिक्षक भेज दिए जाएंगे। वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय तोषी में दो शिक्षक तैनात है जिनमें से एक शिक्षक को जूनियर हाईस्कूल का प्रभार दिया गया है।



