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ओंकारेश्वर मंदिर को वेडिंग डेस्टिनेशन व ऊखीमठ को योग-ध्यान एवं आध्यात्मिक नगरी बनाने की उठी मांग 

लक्ष्मण सिंह नेगी

पंचकेदार होटल होमस्टे एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन। पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा नया आयाम

ऊखीमठ। पंचकेदार होटल होमस्टे एसोसिएशन ने नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन प्रेषित कर ऊखीमठ स्थित प्राचीन ओंकारेश्वर मन्दिर को राज्य के प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने तथा ऊखीमठ नगर क्षेत्र को योग, ध्यान एवं आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित किए जाने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि भगवान केदारनाथ की शीतकालीन गद्दी स्थली ओंकारेश्वर मन्दिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मन्दिर की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता इसे एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। यदि सरकार यहां विवाह समारोहों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास करे तथा इसे वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में प्रचारित करे तो उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।
एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि हिमालय की शांत व प्राकृतिक वादियों के मध्य स्थित ऊखीमठ योग, ध्यान, साधना एवं आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त स्थल है। यहां योग केंद्र, मेडिटेशन सेंटर, आध्यात्मिक अध्ययन संस्थान तथा नियमित योग शिविर आयोजित किए जाने से देश-विदेश के साधक बड़ी संख्या में आकर्षित होंगे। इससे क्षेत्र में वर्ष भर पर्यटन गतिविधियां संचालित रहेंगी और स्थानीय होटल, होमस्टे, परिवहन, हस्तशिल्प तथा स्वरोजगार से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि ओंकारेश्वर मन्दिर परिसर एवं आसपास आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, पार्किंग, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, पर्यटक सूचना केंद्र तथा डिजिटल प्रचार-प्रसार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ऊखीमठ को आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ते हुए विशेष विकास योजना तैयार की जाए।
नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण ने कहा कि ऊखीमठ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान पूरे देश में स्थापित है। यदि सरकार इस दिशा में सकारात्मक पहल करती है तो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी तथा स्थानीय लोगों की आजीविका सुदृढ़ होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास को प्राथमिकता देते हुए इस मांग पर गंभीरता से विचार करेंगे।पंचकेदार होटल होमस्टे एसोसिएशन ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार की दूरदर्शी पर्यटन नीति के अंतर्गत ओंकारेश्वर मन्दिर और ऊखीमठ को नई पहचान मिलेगी, जिससे केदारघाटी में वर्ष भर पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और क्षेत्र का समग्र आर्थिक एवं सामाजिक विकास सुनिश्चित होगा। ज्ञापन में एसोसिएशन अध्यक्ष डा0 कैलाश पुष्वाण, पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, बलवीर सिंह धर्म्वाण, प्रतिपाल सिंह बजवाल, कुंवरी पुष्वाण, प्रधान पठाली मनवर सिंह नेगी, प्रदीप त्रिवेदी, देवेन्द्र सिंह, मीनाक्षी देवी, सुलेखा देवी, प्रियंका देवी, सुनीता देवी, आरती देवी, शिशुपाल सिंह, सुरेश तंगवाण, सुनीता देवी मयंक कुमार, कर्मवीर कुंवर, रविन्द्र रावत सहित मद्महेश्वर व तुंगनाथ घाटी के जनप्रतिनिधितो के हस्ताक्षर मौजूद थे ।

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