क्यूंजा घाटी स्थित रंगेश्वर महादेव मंदिर कण्डारा में श्रीराम कथा सुनने उमड़ रहे भक्त

लक्ष्मण सिंह नेगी
कथावाचक राधिका जोशी केदारखण्डी ने श्रीराम के आदर्श जीवन चरित्र का किया भावपूर्ण वर्णन ।
ऊखीमठ। क्यूंजा घाटी स्थित प्राचीन रंगेश्वर महादेव मंदिर कण्डारा में समस्त ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित श्रीराम कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा स्थल पर सुबह से ही क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और रामनाम के जयघोष से गुंजायमान रहा। कथावाचक राधिका जोशी केदारखण्डी ने श्रीराम कथा का वाचन करते हुए भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग, सत्यनिष्ठा और लोककल्याणकारी व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक राजा नहीं, बल्कि मानव जीवन के सर्वोच्च आदर्श हैं। उनका जीवन हमें कर्तव्यपरायणता, माता-पिता के प्रति सम्मान, समाज के प्रति उत्तरदायित्व तथा धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात कर ही समाज में प्रेम, सद्भाव और नैतिक मूल्यों की स्थापना की जा सकती है। कथा के दौरान राम जन्म, गुरु वशिष्ठ के सान्निध्य में शिक्षा, विश्वामित्र के साथ वनगमन तथा जनकल्याण से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा स्थल पर महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण के साथ भजन-कीर्तन में भी भाग लिया। पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा तथा उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयकारों के साथ धर्म और संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम संयोजक हरि शंकर गोस्वामी ने बताया कि कथा का उद्देश्य क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार, सनातन संस्कृति का संरक्षण तथा युवा पीढ़ी को धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ना है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से कथा में सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित करने का आह्वान किया। इस मौके पर आचार्य देवी प्रसाद वशिष्ठ, दिनेश थपलियाल, नवीन जोशी, ऋर्षि राज गोस्वामी, विकेक गोस्वामी सहित क्यूंजा घाटी के विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधि व हजारों राम भक्त मौजूद रहे।



