केदारघाटी में गुलदार का आतंक, गौशाला का दरवाजा तोड़ मवेशी को बनाया निवाला, बीते पांच दिनों में तीसरी घटना, दहशत में ग्रामीण

ब्यूरो। केदारघाटी में भालू और गुलदार के हमले थम नहीं रहे हैं, बीते पांच दिनों में मवेशियों को मारने की तीन घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें केदारनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत त्रियुगीनारायण में दो बैल और एक भैंस तथा रूद्रप्रयाग वन प्रभाग क्षेत्रांतर्गत शेरसी में एक भैंस की बछिया को गुलदार ने मार दिया। वहीं शुक्रवार देर रात्रि न्यालसू रामपुर में गुलदार ने गौशाला का दरवाजा तोड एक बैल को मौत के घाट उतार दिया। घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बता दें, शुक्रवार देर रात्रि न्यालसू रामपुर के साडा तोक में विनोद रावत पुत्र रघुवीर सिंह की गौशाला का दरवाजा तोड़ गुलदार ने बैल को मार दिया। विनोद सिंह ने बताया कि प्रातः जब गौशाला गए तो दरवाजा टूटा देख हतप्रद रह गए वहीं गौशाला के भीतर बैल मरा पड़ा हुआ था घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई। पूर्व प्रधान न्यालसू प्रमोद सिंह रावत ने बताया कि क्षेत्र में पहले भालू का आतंक बना हुआ था और अब गुलदार का भय। उन्होंने बताया गांव में बीते कुछ दिनों पूर्व भालू ने एक व्यक्ति पर हमला कर घायल किया था वहीं ग्रामीण की बछिया भी ले गया। वहीं गत रात्रि गांव में गुलदार ने बैल को मार दिया जिस से ग्रामीण सहमे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की।
वहीं वन क्षेत्राधिकारी गुप्तकाशी शंकर सिंह रावत ने बताया कि भालू का आतंक कुछ हद तक थमने के बाद गुलदार के हमले की घटनाएं होने लगी हैं, जिसको लेकर वन कर्मी क्षेत्र में लगातार गश्त कर रहें हैं उन्होंने बताया कि साथ ही संवेदनशील स्थानों पर ट्रैप कैमरे, एनाईडर (रिफ्लेक्टर) सहित आवश्यक उपकरण भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को लेकर वन कर्मी लगातार मुस्तैद हैं।



