तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की उत्सव डोली पहुंची अन्तिम रात्रि प्रवास भनकुण्ड

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली अन्तिम रात्रि प्रवास के लिए भनकुण्ड पहुंच गयी है। शनिवार को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली भनकुण्ड से रवाना होगी तथा अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान होगी, तथा 9 नवम्बर से भगवान तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा विधि – विधान से शुरू होगी।
शुक्रवार तुंगनाथ यात्रा के आधार शिविर चोपता मे ब्रह्म बेला पर विद्वान आचार्यों ने पंचाग पूजन के तहत अनेक पूजाये सम्पन्न कर भगवान तुंगनाथ सहित तैतीस कोटि देवी – देवताओं का आवाहन किया तथा आठ बजे प्रातः भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली भनकुण्ड के लिए रवाना हुई तथा भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के दुगलविट्टा पहुंचने पर लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ व पौड़ी निवासी नारायण दत्त जुयाल के नेतृत्व में भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली का पुष्प, अक्षत्रो से भव्य स्वागत कर भण्डारे का आयोजन किया गया! भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के मक्कू बैण्ड, हूण्हू व बनालोली पहुंचने पर ग्रामीणों व भक्तों द्वारा लाल – पीले वस्त्र अर्पित कर मनौती मांगी तथा अनेक प्रकार की पूजा सामाग्रियो से अर्ध्य लगाकर क्षेत्र के खुशहाली की कामना की।
जानकारी देते हुए मठापति राम प्रसाद मैठाणी ने बताया कि विभिन्न गांवो के ग्रामीणो द्वारा भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली का भव्य स्वागत किया जा रहा है। इस मौके डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित, प्रबंधक तुंगनाथ धाम बलवीर सिंह नेगी, प्रधान विनोद रावत, शिशुपाल रावत, विनोद मैठाणी , अतुल मैठाणी , अजय मैठाणी , अभिषेक मैठाणी , प्रमोद मैठाणी , चन्द्रमोहन बजवाल, आनन्द सिंह , अरविन्द सहित मन्दिर समिति के अधिकारी, कर्मचारी, हक – हकूकधारी सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।



