पंचगाई समिति कालीमठ ने देवरा यात्रा की तैयारियों को दी रफ्तार, श्री बद्री केदार मंदिर समिति ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन

गुप्तकाशी। सिद्धपीठ कालीमठ मंदिर में 12 वर्षों बाद आयोजित होने वाली भगवती काली की देवरा यात्रा की तैयारियों को तेज गति देते हुए कालीमाई पंचगाई समिति की द्वितीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति के नवनिर्वाचित अध्यक्ष लखपत सिंह राणा ने की। इस ऐतिहासिक बैठक में यात्रा की रूप-रेखा प्रस्तुत की गई और श्री बद्री केदार मंदिर समिति ने पंचगाई क्षेत्र के हक-हकूकों का पूर्ण सम्मान करते हुए यात्रा को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक का प्रारंभ सभी सदस्यों द्वारा भैरवनाथ जी के मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ। मान्यता के अनुसार, भैरवनाथ जी ने दर्शन देकर भगवती कालीमाई की देवरा यात्रा को प्रारंभ करने की दिव्य अनुमति प्रदान की। इस आध्यात्मिक स्वीकृति के बाद ही प्रबंधन समिति की कार्यकारी बैठक शुरू हुई।

देवरा यात्रा समिति के मंत्री सुरेशानंद गौड़ द्वारा यात्रा से जुड़े सभी आवश्यक मुद्दों को स्थानीय निवासियों एवं बीकेटीसी के प्रबंधक के सम्मुख प्रस्तुत किया गया। श्री गौड़ ने मंदिर समिति और पंचगाई के बीच समन्वय पर कहा कि शीघ्र ही देवरा यात्रा की तिथि की घोषणा के लिए एक विधिवत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष लखपत सिंह राणा ने आगामी देवरा यात्रा की विस्तृत रूप-रेखा पंचगाई के पांच गांवों के पंचों एवं श्री बद्री केदार मंदिर समिति के प्रबंधकों के समक्ष रखी। उन्होंने पंचगाई के हक-हकूकों के संरक्षण और मां काली के दर्शन जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिया। श्री बद्री केदार मंदिर समिति की ओर से कालीमठ मंदिर के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित द्वारा पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति पंचगाई के सभी हक-हकूकों का मर्यादानुसार सम्मान करते हुए देवरा यात्रा के संपन्न कराने में अपनी पूर्ण भूमिका निभाएगी और यात्रा में विधिसंवत् जो भी आवश्यक होगा, मंदिर समिति उसे पूर्ण करेगी।
इस अवसर पर प्रधान प्रदीप सिंह राणा, आशीष सिंह राणा, रोशनदास, रमेश चंद्र भट्ट, चंद्रप्रकाश गौड़, शिव सिंह राणा, शिवराज सिंह राणा, बिंदु देवी, सुदर्शन सिंह राणा,गोपाल सिंह राणा ,जसपाल सिंह रावत ,अरविंद राणा, कुलदीप सिंह वीरेंद्र सिंह रावत ,अवतार सिंह राणा, देवी सिंह राणा, नरोत्तम सिंह राणा, बलबीर सिंह, भवान सिंह, रविंद्र सिंह राणा ,प्रबल सिंह रावत
सहित पंचगाई के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
देवरा यात्रा उत्तराखंड की एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है जो प्रत्येक 12 वर्ष के अंतराल पर आयोजित की जाती है।इस यात्रा का आयोजन कालीमठ क्षेत्र के पांच गांवों – के निवासियों की देखरेख में होता है, जिन्हें सामूहिक रूप से ‘पंचगाई’ कहा जाता है।



