मदमहेश्वर घाटी में मूसलाधार बारिश से पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त, फंसे तीर्थ यात्रियों का किया गया सुरक्षित रेस्क्यू

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। मदमहेश्वर घाटी मे हो रही मूसलाधार बारिश से मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर गौण्डार – बनातोली के मध्य सेडूग नाम से विशाल पत्थर के निकट भारी भूस्खलन होने से पैदल मार्ग लगभग 50 मीटर वासआऊट हो गया है। डीडीआरएफ, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग व ग्रामीणों द्वारा लगभग चार दर्जन से अधिक तीर्थयात्रियो को रेस्क्यू कर गौण्डार गाँव पहुंचा गया है। तथा शेष तीर्थ यात्रियो का रेस्क्यू जारी है। प्रशासन द्वारा मदमहेश्वर धाम जाने वाले डेढ दर्जन तीर्थ यात्रियो को गौण्डार गाँव मे रोका गया है।
मदमहेश्वर घाटी मे हो रही मूसलाधार बारिश से रेस्क्यू कार्य मे बार – बार बाधा पहुंच रही है । विभागीय अधिकारियो के अनुसार आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग को सुगम बनाने के लिए एक सप्ताह का समय लग सकता है। मिली जानकारी के अनुसार मदमहेश्वर घाटी मे मूसलाधार बारिश होने से गौण्डार – बनातोली के मध्य सेडूग के निकट भारी भूस्खलन से 50 मीटर पैदल मार्ग ढह गया है। रविवार सुबह सूचना मिलने पर डीडीआरएफ, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग व लोक निर्माण विभाग के अधिकारी व कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचने के बाद रेस्क्यू अभियान चलाकर लगभग चार दर्जन तीर्थ यात्रियो को गौण्डार गाँव पहुंचाया गया। तथा शेष तीर्थ यात्रियो का रेस्क्यू अभियान जारी है। गौण्डार गाँव मे 18 से 20 तीर्थ यात्री पैदल मार्ग खुलने के बाद मदमहेश्वर धाम जाने का इन्तजार कर रहे है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियन्ता आर पी नैथानी ने बताया कि सभी विभागो द्वारा भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से तीर्थ यात्रियो का रेकस्यू कर सुरक्षित स्थानो पर पहुंचाने की सामूहिक पहल की जा रही है तथा आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग को दुरूस्त करने के लिए 8 मजदूरो को लगाया गया है तथा आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग को आवाजाही लायक बनाने मे एक सप्ताह का समय लग सकता है । पूर्व प्रधान बीर सिंह पंवार ने बताया कि आपदा प्रभावित पैदल मार्ग के निचले हिस्से मे मधु गंगा का तीव्र वेग होने से रेस्क्यू अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। फिर भी सभी विभागो व ग्रामीणो द्वारा अदम्य साहस का परिचय देते हुए रेस्क्यू अभियान जारी रखा तथा शाम तक सभी तीर्थ यात्रियो को गौण्डार गांव पहुंचने के प्रयास जारी हैं।



