मां गौरीमाई मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद

मां गौरीमाई मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद
फाटा। मां गौरी माई मन्दिर गौरीकुंड के कपाट आज प्रातः 8 बजे धार्मिक परम्परा के अनुसार विधि विधान से बंद किए गए।
केदारनाथ यात्रा के आधार केंद्र गौरीकुंड में स्थित
मां गौरीमाई मंदिर के कपाट बंद करने की सभी प्रक्रियाएं आज प्रात: प्रारंभ की गई ,मंदिर में विशेष पूजा संपादित कर भोग मूर्ति को कंडी में रख। मन्दिर से बाहर लाया गया, वहीं मंदिर की परिक्रमा कर गौरी गांव की ओर रवाना हुए, इस दौरान ग्रामीण व सैकड़ों भक्त मौजूद रहे। गौरी गांव स्थित मंदिर में माता की छह माह शीतकालीन पूजाएँ सम्पादित होंगी।
मठापति सम्पूर्णानंद गोस्वामी ने बताया कि आज प्रातः
से बंद करने की प्रक्रियाएँ प्रारम्भ की गई। मन्दिर पुजारी व कुल पुरोहित द्वारा पूजाएँ सम्पन्न कर मन्दिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए।
इस अवसर पर कुलपुरोहित विमल जमलोकी, दामोदर प्रसाद गोस्वामी, गौरी शंकर गोस्वामी, व्यपार संघ अध्यक्ष राम चन्द्र गोस्वामी, श्रीधर प्रसाद गोस्वामी, जगदीश प्रसाद गोस्वामी, मुकेश गोस्वामी, कैलाश गोस्वामी, गणेश गोस्वामी सहित ग्रामीण तथा व्यपारी व भक्त उपस्थित रहे।



