उत्तराखंड

राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भटट् ने तुंगनाथ घाटी के आपदा प्रभावित गांवों का का किया निरीक्षण, आपदा प्रभावितों को दिया हर संभव सहायता का आश्वासन

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। तुंगनाथ घाटी के आपदा प्रभावित गांवों का
राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भटट् व जिला पंचायत सदस्य परकण्डी रीना बिष्ट ने स्थलीय निरीक्षण किया तथा आपदा प्रभावितों को आश्वासन दिया कि आपदा प्रभावित की हर समस्या के निराकरण की सामूहिक पहल की जायेगी तथा आपदा से हुई क्षति की भरपाई के लिए शीघ्र मुख्यमंत्री व आपदा मंत्री से भेंट की जायेगी तथा भूस्खलन प्रभावित गांवों का भूवैज्ञानिक सर्वे कराकर खतरे की जद में आये परिवारों के विस्थापन की पहल की जायेगी । उषाडा़ गाँव के आपदा प्रभावितों ने ताला तोक के निचले हिस्से व आकाशकामिनी नदी के किनारे सुरक्षा दीवालों व गाँव के शेष परिवारों के विस्थापन की मांग की। राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भटट् व जिपस रीना बिष्ट ने तुंगनाथ घाटी के मस्तूरा, ताला, उषाडा़, ग्वाड दिलढा व पल्द्वाणी – डुगर सेमला के मध्य आकाशकामिनी नदी पर क्षतिग्रस्त पैदल पुल का स्थलीय निरीक्षण कर किया। प्रधान दैडा़ योगेन्द्र नेगी ने बताया कि आकाशकामिनी नदी के कटाव से मस्तूरा – दैडा़ वैकल्पिक पैदल मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने से जीआईसी दैडा़ में अध्ययनरत नौनिहालों व ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि पापड़ी तोक के निचले हिस्से में भूस्खलन होने से पापड़ी तोक के दर्जनों परिवार खतरे की जद में है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नन्दन सिंह रावत ने बताया कि मस्तूरा तोक के ऊपरी हिस्से में भूस्खलन होने के कई दुकानों व परिवारों को खतरा बना हुआ है। प्रधान उषाडा़ कुवर सिंह बजवाल ने कहा कि ताला तोक के निचले हिस्से में सुरक्षा दीवालों का निर्माण होने से ही भूस्खलन की रोकथाम हो सकती है तथा गाँव के 70 परिवारों का विस्थापन होना जरूरी है। ग्रामीण प्रतिपाल बजवाल ने बताया कि ताला तोक में भूस्खलन होने से गाँव के तीन परिवारों ने वन विभाग के टीन शैटो में आसरा ले रखा है। ग्वाड दिलढा निवासी आशा देवी ने बताया कि गाँव में विगत तीन दिनों से विधुत आपूर्ति ठप है। ग्रामीण बिक्रम सिंह ने बताया कि गाँव के विभिन्न तोको में भूस्खलन होने से गाँव के 45 परिवारों को खतरा बना हुआ है तथा प्रभावित परिवारों पर कभी भी प्रकृति का कहर बरस सकता है। चन्द्र सिंह ने बताया कि दुर्गाधार – मक्कू मोटर मार्ग पर जगह – जगह मलवा आने से यातायात बाधित है तथा ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने पड़ रही है। प्रधान भीगी शान्ता रावत ने बताया कि पल्द्वाणी – डुगर सेमला मोटर मार्ग पर आकाशकामिनी नदी पर बने पैदल पुल के किनारे भूस्खलन होने से ग्रामीणों की आवाजाही पूर्णतया ठप हो गयी है। इस मौके पर युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष प्रदीप त्रिवेदी, सोहन बिष्ट, रघुवीर सिंह, सुरेन्द्र सिंह, इन्द्र सिंह, बलवन्त सिंह मौजूद थे।

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