उत्तराखंड

कुण्ड में मन्दाकिनी नदी पर बने पुल के निचले हिस्से में भूकटाव , भारी वाहनों की आवाजाही बंद

लक्ष्मण नेगी।
ऊखीमठ। केदार घाटी के हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से मन्दाकिनी नदी का वेग उफान पर है बना हुआ है, वहीं मंदाकिनी के तेज बहाव से रूद्रप्रयाग – गौरीकुण्ड नेशनल हाईवे पर कुण्ड में मन्दाकिनी पर बने लोहे के गार्डर पुल के निचले हिस्से में भूकटाव होने से पुल खतरे की जद में आ गया है। नेशनल हाईवे के अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर पुल में भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गयी है। पुल के निचले में तेज बहाव के कारण हो रहे भूकटाव के कारण कुण्ड में तैनात पुलिस प्रशासन चौकन्ना हो गया है। बता दे कि केदार घाटी के हिमालयी क्षेत्रों में लगातार मूसलाधार बारिश जारी रहने से मन्दाकिनी सहित सहायक नदियों का जल स्तर में निरन्तर वृद्धि देखने को मिल रही है। मूसलाधार बारिश के कारण जगह – जगह भूस्खलन होने से कई मकानों को खतरा बना हुआ है।मदमहेश्वर घाटी के राऊलैंक में भूस्खलन होने से पैदल सम्पर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। रासी गाँव में एक एन एम सेन्टर भी भूस्खलन के कारण खतरे की जद में आ गया है जबकि तुंगनाथ घाटी की ग्राम पंचायत मक्कू के राजस्व गाँव ग्वाड दिलणा में भूस्खलन होने के कारण 30 परिवारों को खतरा बना हुआ है। ऊखीमठ – मनसूना – उनियाणा मोटर मार्ग पर जगह – जगह मलवा आने से मोटर मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। प्रधान संगठन ब्लॉक अध्यक्ष सुभाष रावत ने बताया कि ऊंचाई वाले इलाकों में निरन्तर हो रही मूसलाधार बारिश से मन्दाकिनी नदी के जल स्तर में निरन्तर वृद्धि हो रही है तथा रूद्रप्रयाग – गौरीकुण्ड नेशनल हाईवे पर कुण्ड में मन्दाकिनी नदी पर बने पुल के निचले हिस्से में भूकटाव होने से पुल खतरे की जद में आ गया है। नेशनल हाईवे के अधिकारी आनन्द रतूड़ी ने बताया पुल पर भारी वाहनों का आवागमन पूर्णतया प्रतिबंधित करने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की जा रही है तथा मन्दाकिनी नदी का जल स्तर कम होने पर पुल के नीचे हो रहे भूकटाव की रोकथाम की जायेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!