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नई शिक्षा नीति है नवाचारों से परिपूर्ण : प्रो अन्नपूर्णा नौटियाल 

लखपत सिंह राणा

(यू जी सी मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग केंद्र, हे न ब गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल, उत्तराखंड द्वारा मार्च माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया प्रारंभ: दक्षिण और पश्चिमी राज्यों के शिक्षक भी लेंगे प्रशिक्षण)

श्रीनगर। भारत सरकार द्वारा लागू की गई दूरदर्शी नई शिक्षा नीति के विभिन्न पक्षों पर केंद्रित पंद्रह दिवसीय कार्यक्रम हेनब गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल, उत्तराखंड के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर द्वारा 11 मार्च  से प्रारंभ हुआ है। जिसमें उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सेवारत 7 राज्यों के शिक्षक प्रशिक्षण लेंगे। जिनमें  उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। इस दौरान यू जी सी पोर्टल के माध्यम से 54
प्रतिभागियों ने पंजीकरण किया।

विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर अन्नपूर्णा नौटियाल ने बताया कि हे न ब विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों में निरंतर दक्षिण और पश्चिमी राज्यों के प्रतिभागी भी बड़ी संख्या में प्रतिभाग कर रहे हैं। भारत सरकार द्वारा लागू नई शिक्षा नीति नवाचारों से परिपूर्ण है और सर्वांगीण उन्नति में सहयोगी है। इस दृष्टि से मालवीय सेंटर द्वारा नई शिक्षा नीति पर केंद्रित ये प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि  विश्वविद्यालय का मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर ‘ एन ई पी 2020 ओरिएंटेशन एंड सेंसटाइजेशन ‘ पर केंद्रित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर ऑनलाइन मोड में संचालित कर रहा है। हर्ष का विषय है कि गढ़वाल विश्वविद्यालय के मालवीय सेंटर से अनेक राज्यों के शिक्षक प्रतिभागी ऑनलाइन लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम हेतु केंद्र की पूरी आयोजन समिति तथा समस्त प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी।

उल्लेखनीय है, कि उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों को नई शिक्षा नीति की बारीकियों को समझाने के लिए यूजीसी द्वारा मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर्स द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन भारत सरकार का एक महत्त्वाकांक्षी उपक्रम है।
इसके अंतर्गत उच्च शिक्षा के विविध विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम गढ़वाल विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर द्वारा भी निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं।

इस केंद्र की निदेशक प्रोफेसर इंदु पांडेय खंडूड़ी ने बताया कि हमारा केंद्र एन ई पी 2020 के विविध पक्षों पर देशभर के विद्वान वक्ताओं को वक्तव्य हेतु आमंत्रित करते हुए शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान कार्यक्रम ‘ एन ई पी 2020 ओरियंटेशन एंड सेंसटाइजेशन प्रोग्राम’ के शीर्षक से आयोजित किया जा रहा है । इसके अंतर्गत इंडियन नॉलेज सिस्टम, एकेडमिक लीडरशिप गवर्नेंस एंड मैनेजमेंट, स्किल डेवलपमेंट स्टूडेंट डायवर्सिटी एंड इंक्लूसिव एजुकेशन, इनफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, हायर एजुकेशन एंड सोसायटी तथा हॉलिस्टिक एंड मल्टी डिसिप्लिनरी एजुकेशन जैसे विविध पक्षों पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रत्येक दिन सायं 3 से 6 बजे तक ऑनलाइन दो सत्र होते हैं। कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों को बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर देकर उनका मूल्यांकन भी किया जाता है। इन सभी प्रक्रियाओं के फलस्वरूप निरंतर उपस्थित शिक्षकों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमाण पत्र केंद्र द्वारा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार शिक्षक इस केंद्र के माध्यम से नवीन ऊर्जा और नवाचारी गतिविधियों से संयुक्त होंगे।

इस दौरान सत्रों का संचालन असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. राहुल कुंवर सिंह, डॉ सोमेश थपलियाल तथा प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव डॉ कविता भट्ट ने किया और डॉ अनुराग ने सहयोग किया। वहीं, संयोजन कार्य में पूनम रावत और अनिल कठैत ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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